Republic Day Parade 2026: ब्रह्मोस से फाइटर जेट तक: 90 मिनट की परेड में दिखी ‘सशक्त भारत’ की ताकत, कर्तव्य पथ बना सैन्य शक्ति का मंच
Republic Day Parade 2026: 77वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली का कर्तव्य पथ भारत की सैन्य, सांस्कृतिक और तकनीकी शक्ति का भव्य प्रतीक बन गया। करीब 90 मिनट तक चली ऐतिहासिक परेड में स्वदेशी हथियारों, आधुनिक मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, महिला शक्ति और सांस्कृतिक झांकियों ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत आज न सिर्फ मजबूत है, बल्कि आत्मनिर्भर भी है।
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथियों के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं।
वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक ताकत
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रहीं। उनकी मौजूदगी ने भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों को भी दर्शाया।
‘वंदे मातरम्’ थीम में रंगी परेड
इस वर्ष परेड की थीम “वंदे मातरम्” रखी गई, जो राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। कर्तव्य पथ को इसी थीम के अनुरूप सजाया गया और झांकियों में भारत की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रभक्ति और एकता की झलक साफ दिखाई दी।
सेना के शौर्य ने भरा गर्व

गणतंत्र दिवस परेड में करीब 6,000 सैनिक, 18 मार्चिंग कंटिनजेंट्स और 13 सैन्य बैंड शामिल हुए।
इस वर्ष कई विशेष आकर्षण देखने को मिले—
- भैरव लाइट कमांडो बटालियन पहली बार परेड में शामिल हुई
- ड्रोन और आधुनिक तकनीक से लैस शक्तिबान आर्टिलरी रेजिमेंट
- 61 कैवेलरी के घुड़सवारों का शाही प्रदर्शन
- राजपूत, असम, जैक ली और आर्टिलरी रेजिमेंट्स का अनुशासित मार्च
इन टुकड़ियों ने भारत की जमीनी ताकत और सैन्य अनुशासन का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया।
ब्रह्मोस और आधुनिक हथियारों ने बढ़ाया पराक्रम
परेड में भारत की स्वदेशी रक्षा शक्ति खास आकर्षण रही।
प्रदर्शित प्रमुख हथियारों में शामिल रहे—
- ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल
- आकाश मिसाइल सिस्टम
- ‘सूर्यस्त्र’ रॉकेट लॉन्चर
- धनुष तोप और ATAGS
- MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम
- अर्जुन युद्धक टैंक और बख्तरबंद वाहन
इन हथियारों ने साफ संदेश दिया कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम है।
वायुसेना का आसमानी पराक्रम
परेड के समापन के बाद भारतीय वायुसेना ने आसमान में अद्भुत शक्ति प्रदर्शन किया।
इस दौरान 29 लड़ाकू विमानों—राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जैगुआर—ने एकसाथ उड़ान भरी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर बने फॉर्मेशन ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। करीब 30 हजार से ज्यादा लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
महिला शक्ति ने रचा इतिहास
इस वर्ष परेड में नारी शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
- 148 गर्ल्स कैडेट्स वाला NCC दल कर्तव्य पथ पर मार्च करता नजर आया
- उत्तराखंड NCC की कमान सीनियर अंडर ऑफिसर मानसी विश्वकर्मा के हाथों में रही
- CRPF की पुरुष बटालियन की कमान पहली बार महिला अधिकारी सिमरन बाला ने संभाली
यह बदलते भारत की सशक्त तस्वीर थी।
सम्मान और झांकियों ने बढ़ाई शोभा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया।
परेड में कुल 30 झांकियां शामिल रहीं—
- 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की
- 13 केंद्र सरकार के मंत्रालयों की
इन झांकियों ने विकास, संस्कृति, तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की कहानी बयां की।
मजबूत, आत्मनिर्भर और एकजुट भारत
77वें गणतंत्र दिवस की परेड सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि नए भारत की घोषणा थी—जो सीमाओं की रक्षा भी करता है और भविष्य की ओर मजबूती से बढ़ता है।




