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कच्छ का रण: जहां सफेद रेगिस्तान में बसती है संस्कृति, कला और प्रकृति की जादुई दुनिया

Rann of Kutch tourism

Rann of Kutch tourism : भारत में ऐसी बहुत कम जगहें हैं जहां नेचर और कल्चर एक-दूसरे में इस तरह घुल-मिल जाएं कि हर कदम पर कोई नई कहानी सामने आ जाए। गुजरात के कच्छ जिले में स्थित कच्छ का रण ऐसी ही एक अद्भुत जगह है। दुनिया के सबसे बड़े नमक के रेगिस्तानों में गिना जाने वाला यह क्षेत्र अपनी सफेद चमक, लोकसंस्कृति, संगीत और इतिहास के लिए दुनियाभर में मशहूर है। खासकर चांदनी रात में फैला यह नमक का समंदर किसी सपनों की दुनिया जैसा लगता है।

कच्छ का रण Rann of Kutch tourism: इतिहास और प्रकृति का अनोखा संगम

कच्छ का रण सिर्फ एक भौगोलिक चमत्कार नहीं, बल्कि इतिहास का जीवंत प्रमाण भी है। कभी यह इलाका समुद्र का हिस्सा माना जाता था, जो समय के साथ सूखकर विशाल नमक के रेगिस्तान में बदल गया। यहां अलग-अलग राजवंशों का शासन रहा है और आज भी कच्छ की लोकसंस्कृति, कढ़ाई, हस्तशिल्प और संगीत उस गौरवशाली अतीत की झलक दिखाते हैं।

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रण उत्सव: सफेद रेगिस्तान में रंगों का त्योहार

हर साल दिसंबर से मार्च के बीच आयोजित होने वाला रण उत्सव कच्छ की पहचान बन चुका है। यह उत्सव धोरडो गांव में आयोजित होता है, जो महान कच्छ के रण के पास स्थित है। इस दौरान देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

रण उत्सव में आप:

  • कच्छी लोकनृत्य और संगीत
  • पारंपरिक हस्तशिल्प और कढ़ाई
  • स्थानीय व्यंजनों का स्वाद
  • ऊंट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम

का भरपूर आनंद ले सकते हैं। यह उत्सव गुजरात की जीवंत संस्कृति को करीब से देखने का सबसे बेहतरीन मौका देता है।

टेंट सिटी: रेगिस्तान में लग्जरी ठहराव का अनुभव

रण उत्सव के दौरान गुजरात टूरिज्म द्वारा धोरडो गांव में भव्य टेंट सिटी बसाई जाती है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस टेंट उपलब्ध होते हैं, जो रेगिस्तान में रहते हुए भी लग्जरी का एहसास कराते हैं।

टेंट सिटी की खास बातें:

  • बेसिक, डीलक्स और प्रीमियम टेंट विकल्प
  • आरामदायक बेड, अटैच बाथरूम और हीटर
  • सांस्कृतिक संध्याएं और लाइव म्यूजिक
  • पारंपरिक गुजराती भोजन

बुकिंग पहले से कराना बेहतर रहता है क्योंकि सीजन में यहां भारी भीड़ रहती है।

Rann of Kutch tourism
Rann of Kutch tourism

कच्छ कैसे पहुंचें?

कच्छ पहुंचना बेहद आसान है।

  • हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुज है।
  • रेल मार्ग: भुज रेलवे स्टेशन देश के कई शहरों से जुड़ा है।
  • सड़क मार्ग: अहमदाबाद, राजकोट और अन्य शहरों से बस व टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।

भुज से धोरडो टेंट सिटी तक पहुंचने में लगभग 1.5 घंटे लगते हैं।

कच्छ में घूमने की प्रमुख जगहें

धोलावीरा

धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख नगर रहा है। यह खादिर द्वीप पर स्थित है और इतिहास प्रेमियों के लिए किसी खजाने से कम नहीं।

काला डूंगर

काला डूंगर कच्छ का सबसे ऊंचा स्थान है। यहां से रण का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है और सूर्यास्त का नजारा बेहद खास होता है।

मांडवी

मांडवी अपने खूबसूरत समुद्र तट और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां ऊंट और घुड़सवारी के साथ-साथ सूर्यास्त का आनंद लिया जा सकता है।

पिंग्लेश्वर बीच

मांडवी के पास स्थित यह बीच भीड़-भाड़ से दूर, सुकून भरे समय के लिए एकदम परफेक्ट है।

क्यों जाएं कच्छ का रण?

अगर आप प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और एडवेंचर—सब कुछ एक ही जगह देखना चाहते हैं, तो कच्छ का रण आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए। यह जगह न सिर्फ आंखों को सुकून देती है, बल्कि आत्मा को भी एक अलग ही शांति का अनुभव कराती है।

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