Rajasthan Water Relief : जयपुर। राजस्थान में इस बार गर्मी के मौसम के दौरान पेयजल संकट को कम करने के लिए चलाए गए विशेष अभियानों ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा संचालित अभियान न केवल शिकायतों के त्वरित समाधान में सफल रहे हैं, बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं।
गर्मी के बीच जल संकट से निपटने में मिली सफलता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सतत निगरानी और प्रशासनिक सक्रियता के चलते प्रदेशभर में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान किया गया। विभागीय टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और वितरण प्रणाली का व्यापक निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए।
बीते शनिवार को आयोजित नौवें विशेष राज्यव्यापी अभियान के दौरान एक ही दिन में 2,385 पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया। यह अभियान गर्मी के चरम दौर में आमजन को राहत पहुंचाने की दिशा में अहम साबित हुआ।
एक दिन में हजारों समस्याओं का निस्तारण
अभियान के दौरान 597 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया। इसके अलावा 512 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 165 जलदाब (प्रेशर) संबंधी शिकायतों का समाधान हुआ और 161 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति को बहाल किया गया।
कम जलापूर्ति, अल्प अवधि की सप्लाई और दूषित पानी से जुड़ी शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया। विभाग की तकनीकी टीमों ने 2,357 शिकायतों का तत्काल निस्तारण कर प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को त्वरित राहत प्रदान की।
नौ अभियानों में 24 हजार से अधिक कार्य पूरे
5 अप्रैल से 20 जून के बीच संचालित नौ विशेष अभियानों के दौरान कुल 24,781 पेयजल संबंधी कार्य पूरे किए गए। इनमें 5,081 हैंडपंपों की मरम्मत, 3,360 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1,610 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान और 1,816 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है।
इसके अतिरिक्त हजारों अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया गया है। इन प्रयासों का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के परिवारों को मिला है, जहां गर्मी के दौरान पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनी रहती है।
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अवैध जल उपयोग पर सख्ती
जल संरक्षण और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। नौवें अभियान में 332 अवैध कनेक्शन हटाए गए, जिनका उपयोग होटल, ढाबों और कृषि कार्यों में किया जा रहा था।
विशेष अभियानों के दौरान अब तक कुल 2,518 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं। इस कार्रवाई से जल की बर्बादी पर नियंत्रण लगाने और आम उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
30 जून तक जारी रहेगा अभियान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक जारी रहेंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना न करना पड़े और प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं पर्याप्त पानी पहुंच सके।
प्रदेशभर में चल रहे ये अभियान केवल शिकायत निस्तारण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण और दीर्घकालिक जल प्रबंधन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

