ACB Yoga Day: जयपुर। बदलती जीवनशैली, बढ़ते कार्यदबाव और मानसिक तनाव के दौर में योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि संतुलित जीवन का आधार बनता जा रहा है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राजस्थान मुख्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योग को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
योग के जरिए स्वस्थ कार्यसंस्कृति का संदेश
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक थीम “स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रही। इसी थीम को केंद्र में रखते हुए एसीबी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में योग के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न योगासन तथा प्राणायाम का अभ्यास किया। प्रतिभागियों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बेहतर स्वास्थ्य के साथ बढ़ती है कार्यक्षमता
विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में कहा कि योग केवल बीमारी से बचाव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कार्यस्थल पर उत्पादकता बढ़ाने और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। नियमित योग करने से एकाग्रता, आत्मविश्वास और आत्मानुशासन विकसित होता है, जिससे व्यक्ति अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन कर पाता है।
एसीबी अधिकारियों ने भी माना कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले विभागों के लिए मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है और योग इस दिशा में प्रभावी साधन साबित हो सकता है।
भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है योग
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्व के अनेक देशों में लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए योग को प्राथमिकता दे रहे हैं।
योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। यही कारण है कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई चुनौतियों के समाधान के रूप में भी योग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कर्मचारियों ने लिया दैनिक योग का संकल्प
सामूहिक योगाभ्यास के बाद एसीबी राजस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। साथ ही समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था की अवधारणा को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि नियमित योग न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बनाता है।
स्वस्थ समाज निर्माण का आह्वान
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकारियों ने सभी आयु वर्ग के लोगों से नियमित योग करने की अपील की। उनका कहना था कि यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव संभव है।
एसीबी राजस्थान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक कार्यसंस्कृति की ओर प्रेरित करने वाला संदेश भी बनकर उभरा।

