Muslim Yoga Unity: जयपुर, 20 जून। विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल स्थित रामनिवास बाग में आयोजित योग समारोह ने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और स्वास्थ्य जागरूकता का प्रेरणादायी संदेश दिया। “योग के माध्यम से भारत विश्वगुरु” विषय पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन WORK Rajasthan Chapter (World Organization of Religion & Knowledge) द्वारा किया गया।
योग के माध्यम से स्वस्थ और समरस समाज बनाने का प्रयास
WORK राजस्थान के प्रवक्ता सैयद असगर अली ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सर्वधर्म संवाद और मानव सेवा के क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि योग समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के बीच भाईचारा और सद्भाव को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का प्रतीक बन चुका है।
योग गुरु डॉ. मसूद इकबाल ने कराया योगाभ्यास
कार्यक्रम का शुभारंभ योग गुरु डॉ. मसूद इकबाल द्वारा प्रार्थना के साथ किया गया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम और कपालभाति सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।
डॉ. इकबाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवनशैली का आधार है। उन्होंने कहा कि योग के कारण भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है और यह देश को विश्वगुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

योग राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम
WORK राजस्थान के हेड लाइक हसन ने कहा कि योग समाज को जोड़ने और स्वस्थ राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित रूप से योग अपनाने और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपस्थित देवकीनंदन जी महाराज ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है। यह व्यक्ति को आत्मिक शांति प्रदान करता है और मानवता की सेवा का मार्ग दिखाता है।
वहीं राधे-राधे बाबा ने कहा कि योग व्यक्ति में अनुशासन, संयम और सकारात्मक सोच विकसित करता है। साथ ही यह समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करता है।
महिलाओं और युवाओं के लिए योग की महत्ता पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं और युवाओं के जीवन में योग की उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला। रानी खातून ने कहा कि महिलाओं एवं युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। यह परिवार और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम भी है।
ज़िया उर रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि योग सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करता है तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
वहीं एच.आर. खान ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और मानसिक चुनौतियों के बीच योग तनावमुक्त जीवन जीने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
लुबैना फिरोदौस ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने की कला है, जिसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।
मुस्लिम समाज की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की विशेषता मुस्लिम समाज की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि योग किसी धर्म विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है।
मुस्लिम समाज की सहभागिता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सभी समुदाय एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं। कार्यक्रम ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूती प्रदान की।
इस अवसर पर लाइक हसन, एच.आर. खान, रानी खातून, आलिया खान, ज़िया उर रहमान, लुबैना फिरोदौस, यूसुफ खान सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और योग प्रेमी उपस्थित रहे।

