राजस्थान में दिव्यांगजनों का भव्य सम्मान समारोह—सीएम ने कहा: “हर सीमा पार करने का सामर्थ्य रखते हैं विशेष योग्यजन
Rajasthan Disabled Awards Ceremony: राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन पुरस्कार समारोह: हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने जताई अपनी प्रतिभा
Rajasthan Disabled Awards Ceremony: जयपुर, 3 दिसंबर।
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर हरीश चंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (OTS) में आयोजित राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन खेल, शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक जैसे हर क्षेत्र में अपनी असाधारण प्रतिभा साबित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज की जिम्मेदारी है कि वह दिव्यांगजनों को समान अवसर और निरंतर सहयोग प्रदान करे, ताकि उनकी विशेष योग्यता का लाभ पूरे समाज को मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य और संवेदनशील राज्य बनाना सरकार का संकल्प है।
“दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए संकल्पित है हमारी सरकार” — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शर्मा ने समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों और संस्थाओं को सम्मानित किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस घोषित किया गया था, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को समान अधिकार, अवसर और समावेशी समाज उपलब्ध करवाना है।
विशेष योग्यजनों की सफलता—हर किसी के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के बल पर हर चुनौती को पार करने की क्षमता रखते हैं।
पैरा एथलीट्स के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता की कहानियां पूरे समाज को प्रेरित करती हैं।
प्रधानमंत्री के सुगम्य भारत अभियान से बढ़ी दिव्यांगजनों की पहुंच
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण है जहां शारीरिक चुनौतियां राष्ट्र निर्माण में बाधा न बनें।
उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन अधिनियम में विकलांगता की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कर दी गई हैं, जिसमें एसिड अटैक सर्वाइवर भी शामिल हैं।
यह कानून दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक धारणाओं को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
“दिव्यांगजन समाज की अमूल्य निधि” — मुख्यमंत्री
प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
- स्मार्टफोन
- व्हीलचेयर
- पेंशन योजनाएं
- विशेष उपकरण वितरण कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2,000 स्कूटी दिव्यांग विद्यार्थियों और स्व-रोजगार करने वालों को वितरित की गई थीं, जबकि इस वर्ष 2,500 स्कूटी वितरित की जा रही हैं।
प्रदेशभर में विशेष योग्यजनों के लिए विभिन्न क्लस्टर भी स्थापित किए गए हैं।
मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये किया गया
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष 15,000 अंग उपकरण वितरित किए थे, जबकि इस वर्ष 1 लाख अंग उपकरण वितरित करने का लक्ष्य है।
मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित लोगों के लिए पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हीलचेयर दी जा रही है।
साथ ही, आवासीय संस्थानों में विशेष योग्यजनों का मैस भत्ता 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,250 रुपये कर दिया गया है।
राजस्थान देश में अग्रणी—UDID कार्ड वितरण में भी आगे
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिटी कार्ड (UDID) जारी करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
समारोह में सम्मान, उपकरण और स्कूटी का वितरण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर:
- उत्कृष्ट दिव्यांगजनों को सम्मानित किया
- स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र और स्मार्ट केन वितरित की
- दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया
- स्कूटी और सहायक उपकरण भी वितरित किए
समारोह में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




