राजस्थान बजट 2026: विकसित राजस्थान का रोडमैप, गरीब-युवा-किसान और नारी शक्ति पर बड़ा फोकस
6.10 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट; शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसंरचना और रोजगार पर बड़ा फोकस, 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
Rajasthan Budget 2026: जयपुर, 12 फरवरी 2026। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने राजस्थान सरकार के तीसरे बजट को ऐतिहासिक बताते हुए इसे “विकसित राजस्थान” की दिशा में सशक्त रोडमैप करार दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट (Rajasthan Budget 2026) समावेशी और दीर्घकालीन विकास का दस्तावेज है।
6.10 लाख करोड़ से अधिक का बजट, पूंजीगत व्यय दोगुने से ज्यादा
डॉ. बैरवा ने बताया कि वर्ष 2026–27 का बजट आकार 6,10,956 करोड़ रुपये है, जो 2023–24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। अवसंरचना विकास के लिए 53,978 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व की तुलना में दोगुने से अधिक है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में 32,526 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है—यह पिछले बजट से 53 प्रतिशत अधिक है। कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत और ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे सतत विकास को गति मिलेगी।
शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े फैसले
शिक्षा सुविधाओं के विस्तार हेतु 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 2023–24 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 400 विद्यालयों को क्रमोन्नत कर ‘सीएम राइज विद्यालय’ बनाया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना और ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे। युवाओं के लिए 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर भी घोषित किया गया है।
मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को टैबलेट, लैपटॉप, साइकिल और यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से ई-वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे।
गरीब और जरूरतमंदों के लिए संवेदनशील प्रावधान

डॉ. बैरवा ने कहा कि सरकार ने असहाय और लावारिस व्यक्तियों को दस्तावेजों के अभाव में भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निःशुल्क उपचार देने की घोषणा की है। यह निर्णय सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
वीबीजी योजना में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण महिला बीपीओ की स्थापना और नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ऋण सीमा वृद्धि का निर्णय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है।
किसानों के लिए जल, ऋण और ब्याज अनुदान
अन्नदाता किसानों के हित में यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचाने हेतु 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जाएंगे तथा 800 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान पर खर्च किए जाएंगे।
कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
नारी शक्ति सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
बजट में 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं की स्थापना, जिला स्तर पर महिला बीपीओ, 5 हजार महिलाओं को बीसी सखी और 1 हजार महिलाओं को बैंक सखी बनाने का प्रावधान किया गया है। ये पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पर्यटन, विरासत और औद्योगिक विकास
जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा। शेखावाटी हवेली योजना के अंतर्गत 660 चिन्हित हवेलियों के पुनरुद्धार का प्रावधान है। पर्यटन, कला और संस्कृति को बढ़ावा देकर निवेश और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।
जयपुर संभाग को विशेष प्राथमिकता
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि जयपुर में 1,000 करोड़ रुपये से अवसंरचना विकास, 500 करोड़ रुपये से ड्रेनेज सिस्टम सुदृढ़ीकरण और 1,800 करोड़ रुपये से नई सड़कों का निर्माण होगा। हाइवे पर 2,000 कैमरे लगाए जाएंगे।
एसएमएस अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र और जेके लोन अस्पताल में 500 बेड का आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा। 4 हजार हेक्टेयर में अरावली संरक्षण का भी प्रावधान है।
‘बजट रकम का हिसाब नहीं, शासन की सोच का आइना’
जोगाराम पटेल ने कहा कि यह बजट लोकलुभावन राजनीति से परे ठोस और सतत विकास का दस्तावेज है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन को आगे बढ़ाने वाला है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक राजस्थान को 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह बजट आधार स्तंभ साबित होगा।




