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पुतिन–मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE: रूस का बड़ा एलान—भारत को ईंधन सप्लाई बिना रुके जारी!

Putin–PM Modi Press Conference : रूस बोला—भारत को ईंधन सप्लाई बिना रुकावट जारी रहेगी

Putin–PM Modi Press Conference: नई दिल्ली डेस्क: नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। पीएम मोदी ने शुरुआत में कहा कि भारत-रूस की मित्रता चुनौतियों के बीच भी ध्रुव तारे की तरह स्थिर है और दोनों देशों को निरंतर सही दिशा दिखाती है।

मोदी बोले—भारत-रूस संबंध किसी दबाव में नहीं झुकते

यूक्रेन युद्ध के बीच बदलते वैश्विक समीकरणों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होती। यह रिश्ते स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप पर आधारित हैं।

पुतिन का बड़ा बयान — भारत को ईंधन सप्लाई बिना रुकावट जारी रहेगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा—

“भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए रूस बिना किसी रुकावट के ईंधन सप्लाई जारी रखेगा।”

उन्होंने बताया कि भारत-रूस व्यापार में **96% भुगतान अब राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है, जिससे लेन-देन प्रक्रिया और मज़बूत हुई है।

पीएम मोदी ने पुतिन के नेतृत्व की प्रशंसा की

मोदी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व ने भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा—

“पुतिन के विजन और नेतृत्व ने हमारी साझेदारी को हर परिस्थिति में मजबूती दी है।”

भारत-रूस के बीच हुए ये बड़े समझौते

जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए:

✔ माइग्रेशन और कोऑपरेशन एग्रीमेंट

लोगों की आवाजाही और सहयोग को सरल बनाने हेतु।

✔ अस्थायी श्रमिक गतिविधियों पर समझौता

वर्कफोर्स रेगुलेशन को बेहतर बनाने के लिए।

✔ हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन

दोनों देशों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा।

✔ फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स

खाद्य सुरक्षा पर संयुक्त प्रयास।

✔ पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन

समुद्री और ध्रुवीय क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग।

✔ फर्टिलाइज़र सप्लाई एग्रीमेंट

भारत की कृषि जरूरतों के लिए उर्वरकों की स्थिर आपूर्ति।

इन समझौतों से साफ है कि भारत और रूस रणनीतिक, आर्थिक और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं।

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