PM Kisan Yojana : किसानों को सालाना 9,000 रुपये? बजट से पहले आई बड़ी खबर, जानिए कब और कैसे मिलेगा पैसा
Budget 2026 Update: किसानों को सालाना मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही सरकार
PM Kisan Yojana : किसानों के लिए बड़ी राहत की तैयारी?
देश के करोड़ों किसानों की नजर हर साल की तरह इस बार भी आम बजट पर टिकी हुई है। खेती की बढ़ती लागत, महंगाई और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच किसान सरकार से किसी बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
इसी बीच एक बड़ी चर्चा सामने आ रही है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
6,000 से 9,000 रुपये तक बढ़ सकती है मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर सभी समीकरण अनुकूल रहे तो किसानों को मिलने वाली सालाना सहायता 6,000 रुपये से बढ़कर 9,000 रुपये की जा सकती है।
यह रकम अभी तीन किस्तों में दी जाती है, लेकिन प्रस्ताव लागू होने पर:
- हर किस्त: 2,000 रुपये ➝ 3,000 रुपये
- सालाना कुल राशि: 6,000 ➝ 9,000 रुपये
छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह बढ़ोतरी महंगाई के दौर में बड़ी राहत साबित हो सकती है।
बजट 2026 की तैयारी में क्यों बढ़ी उम्मीद?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। यह प्रक्रिया वित्त मंत्रालय की अगुवाई में होती है, जिसमें:
- नीति आयोग
- विभिन्न मंत्रालय
- राज्य सरकारों के प्रतिनिधि
- कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ
शामिल होते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत तैयार होने वाला यह बजट तय करता है कि सरकार किस सेक्टर पर कितना खर्च करेगी।
अब तक क्या मिल रहा है किसानों को?
PM Kisan Yojana के तहत:
- किसानों को सालाना 6,000 रुपये
- तीन बराबर किस्तों में
- सीधे बैंक खाते में (DBT)
दिए जाते हैं।
हालांकि, बीते वर्षों में खाद, बीज, डीजल और कीटनाशकों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन योजना की राशि अब तक नहीं बदली।
कब होगा अंतिम फैसला?
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है। अंतिम फैसला 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट के दौरान ही सामने आएगा।
लेकिन जिस तरह से चर्चाएं तेज हैं और कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है, उससे यह संभावना मजबूत हो रही है कि इस बार किसानों के लिए बड़ा ऐलान हो सकता है।
अगर PM Kisan Yojana की राशि बढ़ाकर 9,000 रुपये की जाती है, तो यह करोड़ों किसानों के लिए सीधी आर्थिक राहत होगी। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि सरकार किसानों के लिए सच में खजाना खोलती है या नहीं।




