पटना मेट्रो को बड़ी तकनीकी सफलता: भूतनाथ–मलाही पकड़ी कॉरिडोर में EIG निरीक्षण पूरा, ट्रायल रन की उलटी गिनती शुरू
पटना के लोगों के लिए मेट्रो सफर का सपना अब जल्द हकीकत बनने जा रहा है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Patna Metro) की महत्वाकांक्षी परियोजना के प्राथमिकता कॉरिडोर
Patna Metro: पटना के लोगों के लिए मेट्रो सफर का सपना अब जल्द हकीकत बनने जा रहा है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Patna Metro) की महत्वाकांक्षी परियोजना के प्राथमिकता कॉरिडोर भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच शुक्रवार को एक बड़ा तकनीकी मील का पत्थर हासिल कर लिया गया। इस कॉरिडोर में ईआईजी (EIG – Electrical Inspector General) निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में मेट्रो के ट्रायल रन का रास्ता साफ हो गया है।
ईआईजी निरीक्षण क्यों है इतना अहम?
किसी भी मेट्रो परियोजना में ट्रेन संचालन से पहले विद्युत सुरक्षा की जांच सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक होती है। इसी क्रम में भारत सरकार के मुख्य विद्युत निरीक्षक (जनरल) जगदीश कुमार ने भूतनाथ–मलाही पकड़ी सेक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेट्रो सिस्टम में इस्तेमाल हो रही बिजली आपूर्ति, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) और सब-स्टेशनों में सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो रहा है।
किन तकनीकी बिंदुओं की हुई जांच?
निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया—
- मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर असिस्टेंट सब-स्टेशन (ASS) की जांच
- खेमनीचक से मलाही पकड़ी तक ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) का निरीक्षण
- विद्युत उपकरणों की अर्थिंग, सेफ्टी क्लियरेंस और बैकअप सिस्टम
- आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था
- परिचालन से पहले जरूरी तकनीकी दस्तावेजों का सत्यापन
निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसके बाद परियोजना को अगले चरण में ले जाने की सिफारिश की गई।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस अहम मौके पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और PMRCL की विद्युत टीमों के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने मिलकर निरीक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
अब आगे क्या?
ईआईजी निरीक्षण पूरा होने के बाद अब परियोजना में ये अहम कदम लिए जाएंगे—
- मेट्रो ट्रेनों का ट्रायल रन
- सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम का परीक्षण
- स्टाफ ट्रेनिंग और सेफ्टी ड्रिल
- अंतिम सेफ्टी क्लीयरेंस के बाद यात्री सेवा की शुरुआत
अधिकारियों के अनुसार, अगर सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो पटना को जल्द ही अपना पहला मेट्रो कॉरिडोर मिल सकता है।
पटना के लिए क्यों है यह मेट्रो गेम-चेंजर?

पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर में मेट्रो—
- ट्रैफिक जाम से राहत देगी
- प्रदूषण कम करने में मदद करेगी
- रोजगार और शहरी विकास को बढ़ावा देगी
- आम लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और सस्ता परिवहन विकल्प बनेगी
भूतनाथ–मलाही पकड़ी कॉरिडोर को प्राथमिकता इसलिए दी गई है क्योंकि यह शहर के घनी आबादी वाले और व्यस्त इलाकों को जोड़ता है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ईआईजी निरीक्षण का सफल होना यह साबित करता है कि पटना मेट्रो तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतर रही है। यह उपलब्धि न केवल समयबद्ध संचालन की दिशा में अहम है, बल्कि जनता के भरोसे को भी मजबूत करती है।




