क्या दूध, दही और घी होंगे सस्ते? सरकार ने तोड़ी चुप्पी
दूध, दही और घी पर GST में राहत नहीं, सरकार ने संसद में दिया बड़ा बयान
देश के आम लोगों को दूध, दही और घी जैसे रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों पर टैक्स में राहत की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि 12% GST स्लैब को खत्म (GST rate cut 2025) करने या उसमें किसी प्रकार का बदलाव करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।
इसका साफ मतलब है कि आने वाले समय में दूध, दही, पनीर, घी और बटर जैसे उत्पादों पर टैक्स दरें जस की तस बनी रहेंगी।
GST rate cut 2025: क्यों उठा था 12% स्लैब का मुद्दा?
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि GST काउंसिल द्वारा गठित Group of Ministers (GoM) ने 12% स्लैब को हटाकर उसे 5% या 18% में समायोजित करने की सिफारिश की है।
कहा गया कि इस पर मंत्रियों में सहमति बन चुकी है। लेकिन सरकार ने संसद में इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
सरकार का क्या है आधिकारिक रुख?
- GST दरों में बदलाव सिर्फ GST काउंसिल की सिफारिश पर ही होता है।
- यह काउंसिल केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों से मिलकर बनी एक संवैधानिक संस्था है।
- 17 सितंबर 2021 को हुई 45वीं बैठक में दरों की समीक्षा के लिए GoM का गठन हुआ था।
- लेकिन अब तक सरकार को GoM की कोई अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए किसी भी निर्णय की संभावना फिलहाल नहीं है।
क्या है GOM और इसका उद्देश्य?
GST दरों को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए GoM का गठन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य था:
- टैक्स स्लैब की संख्या घटाना
- टैक्स चोरी को रोकना
- टैक्स प्रणाली को आसान बनाना
- उपभोक्ताओं को राहत देना
कई चर्चाएं हुईं कि देश की मौजूदा चार GST दरें (5%, 12%, 18%, 28%) में से 12% स्लैब को हटाकर सिस्टम को और आसान बनाया जा सकता है।
क्या हो सकता है संभावित असर?
यदि भविष्य में 12% स्लैब हटाया जाता है, तो:
- कुछ उत्पाद अगर 5% स्लैब में आते हैं, तो वे सस्ते हो सकते हैं।
- लेकिन अगर 18% स्लैब में जाते हैं, तो महंगे हो जाएंगे।
इसलिए केंद्र और राज्यों को इस पर संतुलन बनाना होगा ताकि आम जनता पर बोझ न बढ़े।
अभी क्या है स्थिति?
| वस्तु | मौजूदा GST दर |
|---|---|
| दूध (अनब्रांडेड) | 0% (टैक्स मुक्त) |
| दही, लस्सी (ब्रांडेड) | 5% या 12% |
| पनीर (ब्रांडेड) | 12% |
| घी, बटर | 12% |
ध्यान दें: अनब्रांडेड और लूज़ उत्पादों पर कोई GST नहीं लगता, लेकिन ब्रांडेड और पैकेज्ड उत्पादों पर टैक्स लागू होता है।
GST दरों में कटौती 2025 को लेकर फिलहाल सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जब तक GoM की अंतिम रिपोर्ट सरकार को नहीं मिलती, तब तक दूध-दही जैसे ज़रूरी सामानों पर GST राहत की उम्मीद करना जल्दबाज़ी होगी।




