वक्फ कानून विरोध (Against Waqf law) में बिजली कर्मचारी का बड़ा एक्शन! 30 कॉलोनियों को अंधेरे में धकेला

बिजली विभाग कर्मचारी रियाजुद्दीन सस्पेंड

मेरठ: वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध (Against Waqf law) में उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिजली विभाग के एक कर्मचारी रियाजुद्दीन ने 30 कॉलोनियों की बिजली जानबूझकर काट दी, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया।

Against Waqf law: क्या हुआ पूरा मामला?

  • मुस्लिम संगठनों ने 1 मई की रात 9 से 9:15 बजे तक बिजली बंद कर विरोध प्रदर्शन किया
  • बिजली कर्मचारी रियाजुद्दीन ने इस्लामाबाद, लोहिया नगर, अहमदनगर समेत 30 कॉलोनियों की बिजली काट दी
  • स्थानीय लोगों ने जब इनवर्टर चालू किए तो विवाद बढ़ गया
  • ऊर्जा मंत्री को शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई हुई

क्यों हुआ Against Waqf law ?

वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत सरकार को वक्फ संपत्तियों पर अधिक नियंत्रण मिलता है, जिसका मुस्लिम संगठनों ने “धार्मिक हस्तक्षेप” बताकर विरोध किया है।

प्रशासन की कार्रवाई

✔ रियाजुद्दीन को सस्पेंड किया गया
✔ चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने जांच के बाद कार्रवाई की पुष्टि की
✔ बिना शिकायत/रिकॉर्ड बिजली काटना नियम विरुद्ध बताया गया

Against Waqf law पर चीफ इंजीनियर का बयान:

“कर्मचारी ने प्रोटोकॉल तोड़कर गैरकानूनी तरीके से बिजली काटी। यह विभागीय नियमों का खुला उल्लंघन है।”

Related Posts

  • 11 views
West Bengal Election BJP Victory: बंगाल में बदली सत्ता की तस्वीर, बीजेपी की ऐतिहासिक जीत से नई राजनीति की शुरुआत, सुवेंदु अधिकारी ने दीदी को हराया

West Bengal Election BJP Victory: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत…

  • 8 views
AAP Rajya Sabha MPs rebellion: AAP बगावत: क्या Raghav Chadha ने बंगला बचाने के लिए किया खेल? अंदर की पूरी कहानी

AAP में बगावत से मचा सियासी हड़कंप AAP Rajya Sabha MPs rebellion: Aam Aadmi Party के राज्यसभा सांसदों की बगावत ने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी है। सूत्रों…

One thought on “वक्फ कानून विरोध (Against Waqf law) में बिजली कर्मचारी का बड़ा एक्शन! 30 कॉलोनियों को अंधेरे में धकेला

  1. Выбор формата лечения определяется состоянием пациента, наличием хронических заболеваний и мотивацией к выздоровлению. При необходимости врач переводит пациента из амбулаторной формы в стационарную, обеспечивая непрерывность и безопасность терапии.
    Подробнее можно узнать тут – http://narkologicheskaya-clinika-v-rostove19.ru/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *