राजस्थान

Quick Justice Model: चोरी के केस में 10 दिन में फैसला, कोटपूतली-बहरोड़ में अपराधियों की अब खैर नहीं

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस और न्यायपालिका के समन्वय से चोरी के एक मामले में महज 10 दिनों में आरोपी को 2 साल की जेल की सजा सुनाई गई। फास्ट ट्रैक ट्रायल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने त्वरित न्याय की मिसाल पेश की।

Quick Justice Model : कोटपूतली-बहरोड़ में पुलिस-न्यायपालिका का क्विक एक्शन, चोरी के केस में 10 दिन में सजा

कोटपूतली‑बहरोड़ जिले में अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय प्रणाली को लेकर एक नई और सशक्त मिसाल सामने आई है। नवपदस्थापित जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि शर्मा और पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार बिश्नोई के बीच हुई समन्वय बैठक के सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखने लगे हैं।

बैठक में चोरी जैसे मामलों में चार्जशीट के साथ अभियुक्त को तुरंत पेश करने और फास्ट ट्रैक ट्रायल के जरिए शीघ्र निर्णय देने का सुझाव दिया गया था, जिस पर पुलिस और न्यायालय ने तत्परता से अमल किया।

5 दिन में ट्रायल पूरा, 10वें दिन सुनाया फैसला

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम अली खान ने बताया कि थाना पनियाला में दर्ज मोटरसाइकिल चोरी के मामले में असाधारण तेजी दिखाई गई। गोनेडा निवासी ख्यालीराम की बाइक चोरी करने वाले आरोपी बिल्लू उर्फ सतवीर को पुलिस ने 14 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया।

  • 19 दिसंबर: चार्जशीट दाखिल
  • 20 दिसंबर: आरोप तय
  • 22 दिसंबर: गवाही शुरू
  • 24 दिसंबर: फैसला सुनाया गया

ACJM सिमरन कौर ने सुनाई 2 साल की सजा

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (क्रम-1) सिमरन कौर ने त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। न्यायालय ने अभियुक्त को 2 वर्ष का साधारण कारावास और ₹5,000 जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

नए कानून और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बने मजबूत आधार

इस प्रकरण में नए आपराधिक कानून (BNS) के प्रावधानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की अहम भूमिका रही। हेड कांस्टेबल देवेन्द्र कुमार द्वारा एकत्र किए गए तकनीकी साक्ष्यों की न्यायालय ने भी सराहना की। मजबूत और वैज्ञानिक चार्जशीट के चलते अपराधी को कम समय में सजा दिलाना संभव हुआ।

SP बिश्नोई का सख्त संदेश

एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि जिले में अब पुलिस, अभियोजन और न्यायपालिका एक साझा रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। चोरी और अन्य अपराधों में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर, तेजी से ट्रायल चलाकर जेल भेजा जाएगा।

कोटपूतली-बहरोड़ मॉडल ने यह साफ कर दिया है कि यदि पुलिस और न्यायपालिका एकजुट हों, तो न्याय न केवल मिलता है बल्कि समय पर मिलता है

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