शराब नीति केस में बड़ा मोड़: केजरीवाल खुद हाई कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष, जज बदलने की भी मांग

दिल्ली हाई कोर्ट में खुद पैरवी करेंगे केजरीवाल

Kejriwal Excise Policy Case: दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal अब खुद कोर्ट में अपनी बात रखते नजर आएंगे। जानकारी के मुताबिक, वह सोमवार को Delhi High Court में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपनी दलीलें पेश करेंगे।

यह मामला उस समय और महत्वपूर्ण हो गया है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

आबकारी नीति से जुड़े इस कथित घोटाले में 22 जनवरी को Rouse Avenue Court ने Arvind Kejriwal को राहत देते हुए उन्हें समन की अवहेलना के आरोपों से बरी कर दिया था।

इसके बाद Enforcement Directorate ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर कीं।

1 अप्रैल 2026 को Justice Swarna Kanta Sharma की बेंच ने केजरीवाल को नोटिस जारी कर 29 अप्रैल तक जवाब मांगा है।

‘रिक्यूजल’ अर्जी: जज बदलने की मांग

इस केस में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने अदालत में ‘रिक्यूजल’ यानी जज को सुनवाई से हटाने की अर्जी दाखिल की है।

बताया जा रहा है कि Arvind Kejriwal कोर्ट में यह मांग रखेंगे कि इस मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ को सौंपी जाए।

जस्टिस पर पक्षपात का आरोप

अपने आवेदन में केजरीवाल और अन्य ने Justice Swarna Kanta Sharma पर “पक्षपात” का आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने और न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए इस मामले की सुनवाई एक निष्पक्ष पीठ द्वारा की जानी चाहिए।

साथ ही यह भी दावा किया गया कि इस केस में दिए गए कुछ आदेशों को पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा पलटा जा चुका है।

अब तक क्या हुआ?

  • ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल को मिली थी क्लीन चिट
  • ED ने फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी
  • हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा
  • अब केजरीवाल खुद कोर्ट में पेश होकर अपनी दलील देंगे

यह घटनाक्रम इस केस को और अधिक संवेदनशील और चर्चित बना रहा है।

राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम मामला

यह मामला केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देश में बहुत कम ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जब कोई बड़ा राजनीतिक नेता खुद अदालत में खड़े होकर अपनी पैरवी करता है।

इससे पहले Mamata Banerjee भी एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी बात रख चुकी हैं।

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आगे क्या होगा?

अब सभी की नजरें सोमवार की सुनवाई पर टिकी हैं, जब Arvind Kejriwal खुद कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत ‘रिक्यूजल’ अर्जी पर क्या फैसला देती है और क्या मामले की सुनवाई किसी अन्य जज को सौंपी जाती है या नहीं।

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