5 दिवसीय कथक कार्यशाला का भव्य समापन, जब मंच पर गूंजे जयपुर और लखनऊ घराने के चरण
Kathak Dance Workshop: कथक नृत्य कार्यशाला का समापन समारोह: कला, अनुशासन और गुरु-शिष्य परंपरा की सुंदर झलक
Kathak Dance Workshop : 19 सितम्बर 2025 को विश्वविद्यालय में आयोजित 5 दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य कला के संरक्षण एवं प्रचार हेतु एक सराहनीय प्रयास रहा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
- कार्यशाला का निर्देशन विदुषी डॉ. मंजरी महाजनी ने किया।
- उन्होंने जयपुर और लखनऊ घराने की शैलियों में तत्कार, भाव, और कृष्ण भजन प्रस्तुत कर कार्यशाला का समापन किया।
- विद्यार्थियों ने उत्साह व अनुशासन के साथ भागीदारी कर गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत किया।
प्रतिभागियों की सहभागिता
- कुल 32 विद्यार्थियों ने कार्यशाला में भाग लिया।
- इनमें से 5 छात्र भी शामिल रहे, जो नृत्य के प्रति समाज में बदलते दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विशेष अतिथि व वक्ता
- देश के प्रसिद्ध मिनिएचर कलाकार श्री रामू रामदेव जी ने समापन समारोह में शिरकत की।
- उन्होंने विद्यार्थियों को ओजस्वी आशीर्वचनों से प्रेरित किया।
- वे निरंतर हर कला के संरक्षण में अपना योगदान दे रहे हैं।
- श्री सत्यनारायण पाटोदिया जी की गरिमामयी उपस्थिति ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया।
संचालन और सहयोग
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीमा, डॉ. ज्योति और डॉ. सीमा द्वारा अत्यंत सुचारू रूप से किया गया।
कार्यक्रम में विभाग के सभी शिक्षकगण भी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- डॉ. मोहन
- डॉ. अंशु
- प्रो. आरती
- प्रो. व्यास
- डॉ. विजय सिद्ध
- शोधार्थी केशव
धन्यवाद ज्ञापन
समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. वंदना कल्ला ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का हार्दिक आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक समझ के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
यह 5 दिवसीय कथक कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की आत्मा से जुड़ने का माध्यम रही। विद्यार्थियों ने न केवल तकनीकी दक्षता सीखी, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सांस्कृतिक मूल्यों को भी आत्मसात किया।




