राजस्थान

Jaipur property rental fraud: खाली प्रोपर्टी किराए पर देना पड़ सकता है भारी! जयपुर में सामने आया ठगी का खतरनाक नया तरीका?

Jaipur News: किराए पर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी लेकर फर्जी फर्म, कूटरचित किरायानामा और करोड़ों की ठगी का आरोप

Jaipur में सामने आया ठगी का नया और खतरनाक पैटर्न ?

Jaipur property rental fraud: अगर आपकी कोई खाली कॉमर्शियल प्रोपर्टी है और कोई व्यक्ति उसमें फर्म खोलने के लिए किराए पर लेना चाहता है, तो सतर्क हो जाएं!
जयपुर में किरायेदारी के नाम पर संगठित ठगी का एक नया तरीका सामने आया है, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी मालिक शिकार हो चुके हैं।

इस ठगी में न केवल किराया और टैक्स नहीं दिया गया, बल्कि प्रॉपर्टी खाली करने के बदले लाखों रुपये की अवैध मांग और झूठे मुकदमों की धमकी भी दी गई।

किराए पर फर्म, न किराया न GST

पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने उनकी औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियां किराए पर लेकर उनमें अपनी फर्म संचालित की।

  • महीनों तक किराया नहीं चुकाया गया
  • GST और TDS जमा नहीं कराया
  • किराए के बदले दिए गए चेक जानबूझकर बाउंस कराए गए

जब प्रॉपर्टी मालिकों ने सवाल उठाए, तो उन्हें डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया।

फर्जी किरायानामा बनाकर GST रजिस्ट्रेशन

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया कि आरोपियों ने
19 जुलाई 2023 का एक कूटरचित किरायानामा तैयार किया, जिस पर प्रॉपर्टी मालिक के जाली हस्ताक्षर किए गए।

इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर:

  • नई फर्म के नाम से GST रजिस्ट्रेशन
  • बैंक खाता खुलवाया गया

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी ऐसा कोई किरायानामा बनाया ही नहीं।

कई कंपनियां और लोग जांच के घेरे में

परिवादी सुभाष चंद भंडारी सहित अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया कि
बिंदुजा एक्सपोर्ट प्रा. लि., रेलिगेट इंडस्ट्रीज प्रा. लि., वरनदा एक्सपोर्ट सहित उनसे जुड़ी कंपनियों ने
सुनियोजित साजिश के तहत आर्थिक शोषण किया।

इस पूरे नेटवर्क में वासुदेव अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, मोहित गर्ग और नेहा गर्ग की अहम भूमिका बताई गई है।

पुलिस ने दर्ज किया संगठित धोखाधड़ी का मामला

इस संबंध में शिप्रापथ थाना में
FIR संख्या 0772/2025 दर्ज की गई है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

  • धोखाधड़ी
  • कूटरचना
  • जालसाजी
  • आपराधिक षड्यंत्र

शामिल हैं। जांच सहायक उप निरीक्षक लाला राम को सौंपी गई है।

पीड़ितों की प्रमुख मांगें

पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए
  • सभी कंपनियों और निदेशकों की वित्तीय व लेखा जांच हो
  • फर्जी दस्तावेज और GST चोरी पर सख्त कार्रवाई हो
  • धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियां तुरंत कुर्क की जाएं
  • भविष्य में ऐसी ठगी रोकने के लिए किरायेदारी कानून सख्त बनाए जाएं

Jaipur Property Rental Fraud का यह मामला चेतावनी है कि अब ठग कानूनी दस्तावेजों और सिस्टम का दुरुपयोग कर प्रॉपर्टी मालिकों को निशाना बना रहे हैं।
किसी भी कॉमर्शियल किरायेदारी से पहले वकील, रजिस्ट्रेशन और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन बेहद जरूरी हो गया है।

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