बिना बैंड-बाजा, बिना बारात: अलवर मिनी सचिवालय में सादगी से रची दो IAS अधिकारियों की शादी 💍
अलवर में दो IAS अधिकारियों की सादगीभरी शादी, बिना बैंड-बाजा मिनी सचिवालय में पहनाई वरमाला
IAS Simple Wedding: आजकल जहां शादियां भव्य समारोह, लाखों-करोड़ों के खर्च और दिखावे का प्रतीक बनती जा रही हैं, वहीं राजस्थान के अलवर जिले में हुई एक अनोखी शादी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साल 2023 बैच के दो युवा IAS अधिकारियों ने बिना बैंड-बाजा, बिना बारात और बिना किसी तामझाम के मिनी सचिवालय में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर विवाह कर लिया।
यह सादगीभरी शादी प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बनी हुई है।
कलेक्टर कार्यालय में रजिस्टर्ड हुई शादी 🏢 IAS Simple Wedding)
अलवर के मिनी सचिवालय में आयोजित इस सादे समारोह में 2023 बैच के IAS अधिकारी Madhav Bhardwaj और Aditi Vasne ने जिला कलेक्टर Arpita Shukla के समक्ष अपनी शादी पंजीकृत करवाई।
18 फरवरी को संपन्न हुए इस विवाह में केवल दोनों के माता-पिता और भाई-बहन मौजूद रहे। न कोई शोर-शराबा, न ढोल-नगाड़े और न ही पारंपरिक बारात—सिर्फ सादगी और आत्मीयता का माहौल।
दोनों अधिकारी अहम पदों पर तैनात 👩💼
माधव भारद्वाज वर्तमान में अलवर में SDM के पद पर कार्यरत हैं। वे मूल रूप से उत्तराखंड के मसूरी निवासी राजकुमार भारद्वाज के पुत्र हैं। वहीं अदिति वासने गुजरात के जामनगर में SDM के पद पर तैनात हैं और वे उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की रहने वाली हैं।
अदिति एक व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं और तीन भाई-बहनों में से एक हैं। दोनों ही युवा अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय और प्रतिबद्ध माने जाते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान हुई मुलाकात, प्यार में बदला रिश्ता ❤️
दोनों IAS अधिकारियों की मुलाकात प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। साथ काम करने और एक-दूसरे को समझने का अवसर मिला, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम में बदल गया।
परिवारों की सहमति मिलने के बाद दोनों ने सादगीपूर्ण विवाह का निर्णय लिया। उनका मानना था कि शादी दो व्यक्तियों और दो परिवारों का मिलन है, न कि दिखावे का मंच।
वरमाला और रजिस्ट्रेशन: बस इतनी सी थी रस्म 🌸
विवाह समारोह बेहद सरल रहा। दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और विधिवत रूप से विवाह का पंजीकरण कराया। मिनी सचिवालय के कुछ अधिकारी इस अवसर पर साक्षी बने।
न तो महंगे वेडिंग डेकोरेशन, न बड़े होटल और न ही हजारों मेहमानों की भीड़—यह शादी पूरी तरह सादगी, समझदारी और आपसी सम्मान का उदाहरण बन गई।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा 📢
इस शादी की खबर फैलते ही प्रशासनिक हलकों में इसकी खूब चर्चा होने लगी। कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
लोगों का कहना है कि उच्च पदों पर बैठे इन युवाओं ने यह साबित कर दिया कि रिश्तों की मजबूती दिखावे से नहीं, बल्कि विश्वास और समझ से होती है।
सोशल मीडिया पर भी ‘IAS जोड़ी’ की सादगी की जमकर सराहना हो रही है। कई यूजर्स इसे नई पीढ़ी की सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बता रहे हैं।
सादगी का संदेश 🌿
आज के दौर में जब शादियों को सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता है और खर्च को स्टेटस सिंबल माना जाता है, ऐसे समय में इस तरह की सादगीभरी शादी समाज को एक अलग संदेश देती है।
यह विवाह बताता है कि सच्चे रिश्तों के लिए भव्य आयोजन जरूरी नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, पारिवारिक सहमति और सरलता ही सबसे बड़ी पूंजी है।
माधव और अदिति की यह पहल न केवल प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि आम समाज के लिए भी एक उदाहरण है कि परंपराओं का सम्मान करते हुए भी सादगी को अपनाया जा सकता है।




