ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) : CDS अनिल चौहान का बड़ा खुलासा, तीनों स्तर पर सेना तैयार, मिशन अब भी जारी
नई दिल्ली: देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) अभी भी पूरी तरह सक्रिय और जारी है। उन्होंने यह बयान राजधानी दिल्ली में आयोजित एक रक्षा संगोष्ठी के दौरान दिया, जहां उन्होंने भारत की सैन्य रणनीतियों और तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
जनरल चौहान ने कहा कि भारत को ऐसी सेनाएं चाहिए जो 24×7 और साल भर हर चुनौती के लिए तैयार रहें। उन्होंने साफ किया कि युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए हमें हर स्तर पर तैयारी करनी होगी — चाहे वह रणनीतिक, परिचालन या सामरिक स्तर हो।
🔍 युद्ध की परिभाषा बदल रही है
CDS चौहान ने बताया कि आधुनिक युद्ध पारंपरिक सीमाओं से बहुत आगे बढ़ चुका है। अब युद्ध काइनेटिक (गोला-बारूद आधारित) और नॉन-काइनेटिक (डिजिटल, साइबर, नैरेटिव) का संगम बन चुका है। उन्होंने इसे ‘कन्वर्जेंस वॉरफेयर’ कहा, जहां हर मोर्चे पर एक साथ लड़ाई लड़ी जाती है — ड्रोन अटैक, साइबर हमले, सूचना युद्ध और अंतरिक्ष तक।
⚔️ ‘हाइब्रिड वॉरियर’ की जरूरत
जनरल चौहान ने भविष्य की सेना की कल्पना भी साझा की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय हाइब्रिड वॉरियर्स का होगा — ऐसे योद्धा जो एक साथ कई मोर्चों पर लड़ने में सक्षम होंगे:
- टेक वॉरियर्स: जो AI और साइबर तकनीक से दुश्मन को मात देंगे।
- इंफो वॉरियर्स: जो नैरेटिव बनाएंगे और फेक न्यूज़ से लड़ेंगे।
- स्कॉलर वॉरियर्स: जो रणनीति और ज्ञान के दम पर निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की सेना को सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि ‘शस्त्र’ और ‘शास्त्र’ दोनों की जरूरत है।
🛡️ ऑपरेशन सिंदूर: अभी भी जारी है मिशन
CDS ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, जो कि देश की सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील मिशन है, अभी भी चल रहा है और इस पर सेना की पूरी नजर है। उन्होंने संकेत दिया कि यह ऑपरेशन एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जो हर खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है।
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CDS अनिल चौहान का यह बयान साफ इशारा करता है कि भारत सिर्फ आज की नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य की लड़ाइयों के लिए भी पूरी तरह तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर केवल एक मिशन नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है।




