Bhajanlal Sharma Lohri Festival: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को जयपुर में आयोजित गोकाष्ठ लोहड़ी महोत्सव में शामिल हुए। यह आयोजन राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा और राजापार्क व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोहड़ी प्रज्वलित कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और उन्नति की कामना की।
लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक: मुख्यमंत्री (Bhajanlal Sharma Lohri Festival)
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी जैसे लोकपर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं, जो समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे पर्व न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहड़ी का पर्व खासतौर पर सामूहिक उल्लास, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। यह पर्व हर आयु वर्ग के लोगों को एक साथ जोड़ता है और आपसी प्रेम व सौहार्द को बढ़ावा देता है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है गोकाष्ठ लोहड़ी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां पारंपरिक लकड़ी के बजाय गोकाष्ठ (गोबर से बने उपले) से लोहड़ी जलाई गई। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गोकाष्ठ लोहड़ी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा होती है, बल्कि गो-आधारित उत्पादों को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाते हैं और समाज को सतत विकास की ओर प्रेरित करते हैं।
पंजाबी समाज के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में निवास कर रहे पंजाबी समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज ने प्रदेश की प्रगति में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है और अपनी मेहनत, उद्यमशीलता व सांस्कृतिक मूल्यों से राजस्थान को समृद्ध किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार सभी समुदायों के साथ मिलकर प्रदेश को विकास के नए आयाम देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया महोत्सव
गोकाष्ठ लोहड़ी महोत्सव में बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। पारंपरिक लोकगीत, भांगड़ा और गिद्धा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में खास रंग भर दिया। लोगों ने लोहड़ी के चारों ओर परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के अध्यक्ष श्री रवि नय्यर, राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष श्री अजयपाल सिंह सहित पंजाबी समाज के अनेक प्रबुद्धजन मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए इस आयोजन को सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।
सांस्कृतिक एकता का सशक्त उदाहरण
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और विविधता में एकता की भावना को और मजबूत बनाते हैं। उन्होंने आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की शुभकामनाएं दीं।




