Budget 2026: निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास, जानिए भारत के बजट से जुड़े रोचक तथ्य और परंपराएं
1 फरवरी 2026 को पेश होगा केंद्रीय बजट 2026-27
नई दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बजट (Budget 2026) को लेकर देशभर में खासा उत्साह है, क्योंकि इसमें कई अहम आर्थिक घोषणाएं होने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी और यह 13 फरवरी तक चलेगा।
यह बजट इसलिए भी ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएंगी।
भारत में बजट पेश करने की परंपरा
भारत में पहली बार 1921 में सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के पहले सत्र में सालाना बजट पेश किया गया था। आज़ाद भारत में शुरुआत में यूनियन बजट (Budget 2026) फरवरी के आखिरी कार्यदिवस पर पेश किया जाता था।
हालांकि, 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने औपनिवेशिक परंपरा को तोड़ते हुए बजट को 1 फरवरी को पेश करने की शुरुआत की, ताकि सरकार को नई वित्तीय योजनाओं को लागू करने के लिए ज्यादा समय मिल सके। तभी से यह तारीख एक स्थायी परंपरा बन गई है।
बजट पेश करने का समय भी बदला
क्या आप जानते हैं कि पहले बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था?
1999 तक भारत में बजट शाम 5 बजे घोषित होता था, जिसे बाद में बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया। इसका मकसद वैश्विक बाजारों और घरेलू निवेशकों को बेहतर तालमेल देना था।
बजट (Budget 2026) और ब्रीफकेस का दिलचस्प इतिहास
‘Budget’ शब्द फ्रेंच भाषा के Bougette से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का ब्रीफकेस। यही वजह है कि वित्त मंत्री बजट के दिन हाथ में ब्रीफकेस या फाइल लिए नजर आते हैं।
इस परंपरा की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम से हुई थी। पहला बजट बॉक्स 1860 में ब्रिटेन के तत्कालीन चांसलर विलियम एवर्ट ग्लैडस्टोन के लिए तैयार किया गया था। वह लकड़ी का बॉक्स था, जिस पर रानी का मोनोग्राम सोने से उकेरा गया था।
आज भी ब्रिटेन में लाल रंग का ग्लैडस्टोन बैग इस्तेमाल होता है, जबकि भारत में ब्रीफकेस का कोई तय रंग नहीं है।
आजाद भारत का पहला बजट
आजाद भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। खास बात यह है कि वह कांग्रेस के सदस्य नहीं थे, बल्कि एक उद्योगपति और कोचीन रियासत के पूर्व दीवान थे।
उन्होंने संसद में बजट पेश करने के लिए अपना निजी ब्रीफकेस इस्तेमाल किया था, जो बाद में ऐतिहासिक बन गया।
संयुक्त भारत का पहला बजट
वर्ष 1949-50 में जॉन मथाई ने देश का पहला संयुक्त भारत बजट पेश किया। उन्होंने बजट भाषण पढ़ने की बजाय उसकी डिटेल्स लिखित रूप में सांसदों को बांटीं, जिससे बजट को समझना आसान हो गया।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री
- मोरारजी देसाई – 10 बजट (रिकॉर्ड)
- पी. चिदंबरम – 9 बजट
- प्रणब मुखर्जी – 8 बजट
- यशवंत सिन्हा, यशवंतराव चव्हाण, सी.डी. देशमुख – 7-7 बजट
- मनमोहन सिंह – 6 बजट
अब निर्मला सीतारमण भी इस ऐतिहासिक सूची में अपना नाम और मजबूत कर रही हैं।
दुनिया में बजट की शुरुआत
दुनिया का पहला आधिकारिक बजट 1760 में इंग्लैंड ने पेश किया था। इसके बाद फ्रांस (1817) और अमेरिका (1921) ने भी बजट प्रणाली अपनाई, जिससे सरकारी खर्च और आय में पारदर्शिता आई।1 फरवरी 2026 को पेश होगा केंद्रीय बजट 2026-27
नई दिल्ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बजट को लेकर देशभर में खासा उत्साह है, क्योंकि इसमें कई अहम आर्थिक घोषणाएं होने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को हुई थी और यह 13 फरवरी तक चलेगा।
यह बजट इसलिए भी ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के सबसे ज्यादा 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच जाएंगी।
भारत में बजट पेश करने की परंपरा
भारत में पहली बार 1921 में सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के पहले सत्र में सालाना बजट पेश किया गया था। आज़ाद भारत में शुरुआत में यूनियन बजट फरवरी के आखिरी कार्यदिवस पर पेश किया जाता था।
हालांकि, 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने औपनिवेशिक परंपरा को तोड़ते हुए बजट को 1 फरवरी को पेश करने की शुरुआत की, ताकि सरकार को नई वित्तीय योजनाओं को लागू करने के लिए ज्यादा समय मिल सके। तभी से यह तारीख एक स्थायी परंपरा बन गई है।
बजट पेश करने का समय भी बदला
क्या आप जानते हैं कि पहले बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था?
1999 तक भारत में बजट शाम 5 बजे घोषित होता था, जिसे बाद में बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया। इसका मकसद वैश्विक बाजारों और घरेलू निवेशकों को बेहतर तालमेल देना था।
बजट और ब्रीफकेस का दिलचस्प इतिहास
‘Budget’ शब्द फ्रेंच भाषा के Bougette से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का ब्रीफकेस। यही वजह है कि वित्त मंत्री बजट के दिन हाथ में ब्रीफकेस या फाइल लिए नजर आते हैं।
इस परंपरा की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम से हुई थी। पहला बजट बॉक्स 1860 में ब्रिटेन के तत्कालीन चांसलर विलियम एवर्ट ग्लैडस्टोन के लिए तैयार किया गया था। वह लकड़ी का बॉक्स था, जिस पर रानी का मोनोग्राम सोने से उकेरा गया था।
आज भी ब्रिटेन में लाल रंग का ग्लैडस्टोन बैग इस्तेमाल होता है, जबकि भारत में ब्रीफकेस का कोई तय रंग नहीं है।
आजाद भारत का पहला बजट
आजाद भारत का पहला केंद्रीय बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। खास बात यह है कि वह कांग्रेस के सदस्य नहीं थे, बल्कि एक उद्योगपति और कोचीन रियासत के पूर्व दीवान थे।
उन्होंने संसद में बजट पेश करने के लिए अपना निजी ब्रीफकेस इस्तेमाल किया था, जो बाद में ऐतिहासिक बन गया।
संयुक्त भारत का पहला बजट
वर्ष 1949-50 में जॉन मथाई ने देश का पहला संयुक्त भारत बजट पेश किया। उन्होंने बजट भाषण पढ़ने की बजाय उसकी डिटेल्स लिखित रूप में सांसदों को बांटीं, जिससे बजट को समझना आसान हो गया।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री
- मोरारजी देसाई – 10 बजट (रिकॉर्ड)
- पी. चिदंबरम – 9 बजट
- प्रणब मुखर्जी – 8 बजट
- यशवंत सिन्हा, यशवंतराव चव्हाण, सी.डी. देशमुख – 7-7 बजट
- मनमोहन सिंह – 6 बजट
अब निर्मला सीतारमण भी इस ऐतिहासिक सूची में अपना नाम और मजबूत कर रही हैं।
दुनिया में बजट की शुरुआत
दुनिया का पहला आधिकारिक बजट 1760 में इंग्लैंड ने पेश किया था। इसके बाद फ्रांस (1817) और अमेरिका (1921) ने भी बजट प्रणाली अपनाई, जिससे सरकारी खर्च और आय में पारदर्शिता आई।




