राजस्थान

Empowering gram panchayats: सरपंच गांव की आवाज, पंचायतें होंगी मजबूत तो प्रदेश बनेगा सशक्त: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं और सरपंच गांव की असली आवाज। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवर्तमान सरपंचों से संवाद में कहा कि जब पंचायतें मजबूत होंगी, तभी गांव और प्रदेश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेंगे।

Empowering gram panchayats: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच कोई सामान्य पद नहीं, बल्कि सेवा, विश्वास और संकल्प का माध्यम है। गांव का हर नागरिक अपनी सबसे पहली उम्मीद सरपंच से ही करता है। पंचायतों के सशक्त होने से ही प्रदेश मजबूत बनता है, क्योंकि विकास की असली शुरुआत गांवों से होती है।

मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के सातों संभागों की ग्राम पंचायतों के प्रशासकों (निवर्तमान सरपंचों) के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ गांवों के सशक्तीकरण के लिए निरंतर काम कर रही है।

सरपंच: शासन की पहली कड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि, पेंशन, एमएसपी, पेयजल, बिजली, आवास, शौचालय, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए गांव सबसे पहले सरपंच की ओर ही देखता है। सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक कितनी प्रभावी हैं, इसका सबसे सटीक फीडबैक सरपंच ही दे सकता है।

उन्होंने निवर्तमान सरपंचों को प्रशासक बनाए रखने के निर्णय को अनुभव का सम्मान बताया और कहा कि इससे गांवों को निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ बना रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह पंचायतीराज व्यवस्था के निर्माण के लिए ठोस कदम उठा रही है।

  • ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण और नवीनीकरण
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र की स्थापना
  • नवगठित 8 जिलों में नई जिला परिषदों का गठन
  • 85 नई पंचायत समितियां और 3,417 नई ग्राम पंचायतों का सृजन

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में सुधार करते हुए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया गया है, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

हर वर्ग के उत्थान का संकल्प

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब—सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

  • पेपर लीक से मुक्त, पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं
  • 1 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां
  • 1.44 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन
  • लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये की सहायता
  • किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि
  • पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड और मंगला पशु बीमा योजना
  • दूध पर 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान

योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की अपील

मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और यह सुनिश्चित करें कि लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कार्यक्रम में सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के विकास और आगामी बजट को लेकर सुझाव भी दिए, जिन पर नियमानुसार निर्णय का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर विधायक शत्रुघ्न गौतम, राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत प्रशासक उपस्थित रहे।

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