PF से वंचित लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! EPFO ने खोली ‘गोल्डन विंडो’, अब मिलेगा पूरा ईपीएफ लाभ
EES-2025 के तहत नियोक्ताओं को 6 महीने की राहत, सिर्फ 100 रुपये जुर्माने में सुधारी जा सकेगी पुरानी गलती
EPFO New Scheme : PF से वंचित कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
EPFO New Scheme : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ से वंचित रह गए कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ‘कर्मचारी नामांकन योजना–2025 (EES-2025)’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत उन कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाया जाएगा, जो जानकारी की कमी या नियोक्ता की लापरवाही के कारण अब तक भविष्य निधि के लाभ से वंचित रह गए थे।
नई योजना के अंतर्गत नियोक्ता जुलाई 2017 से अक्तूबर 2025 के बीच छूटे पात्र कर्मचारियों का नामांकन कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने छह महीने की विशेष अनुपालन अवधि (Special Compliance Window) प्रदान की है।
सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की पहल
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। ईपीएफ केवल बचत योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। EES-2025 उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है, जो वर्षों से इस लाभ से वंचित थे।
क्या है EPFO की ‘गोल्डन विंडो’?
EPFO ने नियोक्ताओं के लिए 6 महीने की विशेष ‘गोल्डन विंडो’ खोली है। इस अवधि के दौरान:
- 1 जुलाई 2017 से 31 अक्तूबर 2025 के बीच कार्यरत
- लेकिन ईपीएफ से वंचित रहे
- ऐसे कर्मचारियों का नामांकन बिना कानूनी जटिलताओं के किया जा सकेगा
यह योजना कंपनियों के लिए एक माफी योजना (Amnesty Scheme) की तरह है, जिससे वे अपनी पुरानी चूक को सुधार सकेंगी।
सिर्फ 100 रुपये का जुर्माना
EES-2025 के तहत नियोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। योजना के अनुसार:
- गलती सुधारने पर केवल 100 रुपये का जुर्माना
- कर्मचारी का पिछला अंशदान जमा करने की बाध्यता नहीं
- केवल नियोक्ता अंशदान,
- धारा 7Q के तहत ब्याज
- और प्रशासनिक शुल्क जमा करना होगा
इससे नियोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा और अधिक कंपनियां योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
कर्मचारियों के भविष्य के लिए बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारी नामांकन योजना–2025 से लाखों कर्मचारियों को न केवल ईपीएफ का लाभ मिलेगा, बल्कि उनकी पेंशन, बीमा और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह योजना सरकार की समावेशी सामाजिक सुरक्षा नीति को और मजबूत करती है।



