गुजरात

निर्भया जैसी घटना: 7 साल की बच्ची से दरिंदगी, रेप की नाकाम कोशिश के बाद प्राइवेट पार्ट में ठोंसी लोहे की रॉड

Attempted rape of 7-year-old girl Rajkot:, गुजरात। एक ऐसी घटना जो दिल दहला देती है – 7 साल की बच्ची से रेप प्रयास राजकोट के अटकोट इलाके में हुआ। एक 35 साल के हैवान ने न सिर्फ एक मासूम के साथ बलात्कार की कोशिश की, बल्कि नाकाम रहने पर क्रोध में लोहे की रॉड उसके प्राइवेट पार्ट्स में ठूंस दी। यह निर्भया जैसी घटना समाज के लिए एक काला अध्याय है। आइए जानते हैं इस क्रूर वारदात की पूरी सच्चाई।

घटना का काला सच: किडनैपिंग से शुरू हुई क्रूरता

4 दिसंबर को सुबह करीब 11 बजे, राजकोट जिले के अटकोट पुलिस स्टेशन के एक छोटे से गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ। बच्ची के माता-पिता खेत पर काम कर रहे थे। इसी बीच, आरोपी रामसिंह – जो खुद तीन बच्चों का पिता है – ने मौके का फायदा उठाया। उसने मासूम को किडनैप कर लिया और पास की एक सुनसान जगह पर ले गया।

वहां उसने बच्ची का मुंह बंद किया और मारपीट शुरू कर दी। 7 साल की बच्ची से रेप प्रयास राजकोट की यह कोशिश नाकाम रही, तो गुस्से में आकर उसने एक फुट लंबी लोहे की रॉड उसके प्राइवेट पार्ट्स में डाल दी। बच्ची से खून बहने लगा। माता-पिता ने उसे तलाशते हुए खोजा और फौरन नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से स्थिति की गंभीरता देखते हुए उसे राजकोट के सरकारी बच्चों के अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पीड़िता की हालत: स्थिर, लेकिन जख्म गहरे

अभी बच्ची का राजकोट के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी हालत स्थिर है, लेकिन चोटें इतनी गंभीर हैं कि पूर्ण स्वस्थ होने में समय लगेगा। परिवार और डॉक्टरों की टीम रात-दिन उसके साथ खड़ी है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार का दर्द है, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मिंदगी का विषय।

पुलिस की तत्परता: 10 टीमें, CCTV और डेटा एनालिसिस से पकड़ा गया आरोपी

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। अस्पताल में शिकायत मिलते ही 7 साल की बच्ची से रेप प्रयास राजकोट की जांच के लिए 10 स्पेशल टीमें गठित की गईं। आसपास के गांवों और इलाकों से CCTV फुटेज इकट्ठा की गई। टेलीकॉम कंपनियों से मोबाइल डेटा लिया गया ताकि क्राइम स्पॉट पर एक्टिव फोन ट्रैक किए जा सकें।

140 संदिग्धों की लिस्ट बनी। सभी से बयान लिए गए। राजकोट रूरल के एसपी विजयसिंह गुर्जर ने बताया, “हमने 10 मुख्य संदिग्ध चुने। चाइल्ड काउंसलर, महिला पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों की मौजूदगी में पीड़िता को उनकी फोटो दिखाई। बच्ची ने रामसिंह की पहचान कर ली। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल लिया।”

रामसिंह ने स्वीकार किया कि खेत के पास पानी की टंकी पर उसने सेक्शुअल असॉल्ट की कोशिश की। नाकाम होने पर गुस्से में लोहे की रॉड से हमला किया। अब आरोपी हिरासत में है और सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

समाज का सवाल: निर्भया के बाद भी कब तक ऐसी घटनाएं?

यह घटना 2012 की निर्भया कांड की याद दिलाती है। 7 साल की बच्ची से रेप प्रयास राजकोट जैसी वारदातें बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। क्या सख्त कानून और जागरूकता पर्याप्त है? सरकार और समाज को मिलकर कदम उठाने होंगे।

अगर आपको ऐसी कोई जानकारी या मदद चाहिए, तो तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) से संपर्क करें। इस खबर को शेयर करें ताकि जागरूकता फैले। अधिक अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।

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