राजस्थान में बड़ा जल-संकल्प! CSR कंपनियों संग ₹115 करोड़ का ऐतिहासिक करार—क्या बदलेगा राज्य का भविष्य?
Rajasthan CSR Water Security MoU: राजस्थान ने जल–सुरक्षा एजेंडा को मजबूत करने के लिए CSR भागीदारों के साथ ₹115 करोड़ का बड़ा समझौता किया
Rajasthan CSR Water Security MoU: 1 दिसंबर। राजस्थान सरकार ने राज्य में जल-सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए प्रमुख CSR भागीदारों के साथ ₹115 करोड़ का महत्वपूर्ण MoU साइन किया। यह करार “वॉटर-सेक्योर राजस्थान के लिए पब्लिक–प्राइवेट–पीपल पार्टनरशिप” विषयक उच्च-स्तरीय राज्य परामर्श बैठक में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम UNICEF, राजस्थान सरकार और अरावली के सहयोग से आयोजित किया गया।
MJSA 2.0 को मिलेगा CSR का बड़ा समर्थन**
यह MoU पिरामल फाउंडेशन, PHD चैंबर्स, अर्पण सेवा, HPCL और ITC जैसी शीर्ष संस्थाओं के साथ किया गया है। ये संस्थाएँ मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA 2.0) के अगले चरण में—
- ग्रामीण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण
- जल संरक्षण मॉडल
- पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण
जैसे क्षेत्रों में सहयोग देंगी।
“जल-सुरक्षित राजस्थान की ओर निर्णायक कदम”—पंचायती राज मंत्री**
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा:
“CSR भागीदारों के साथ ₹115 करोड़ का यह MoU वॉटर सिक्योर राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह सहयोग ग्रामीण अवसंरचना को मजबूती देगा, पंचायतों को सशक्त करेगा और समुदाय सहभागिता से टिकाऊ समाधान विकसित करेगा।”
उन्होंने CSR और सामुदायिक भागीदारी को दीर्घकालिक जल-सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट और सिविल सोसाइटी की संयुक्त भागीदारी**
परामर्श के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों, CSR संगठनों और सिविल सोसाइटी भागीदारों ने—
- CSR संसाधनों के बेहतर उपयोग,
- साझेदारियों के औपचारिककरण,
- सफल फील्ड मॉडल साझा करने
- वाटरशेड विकास की प्रगति
पर चर्चा की।
“बहुत कुछ किया जाना बाकी है”—जलागम निदेशक मुहम्मद जुनैद**
जलागम विकास एवं मृदा संरक्षण निदेशक मुहम्मद जुनैद ने कहा:
“MJSA का पहला चरण सफल रहा, लेकिन राज्य को अभी लंबा रास्ता तय करना है। CSR और CSOs के नवाचारी मॉडल भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
UNICEF ने जलवायु लचीलापन और दीर्घकालिक जल-सुरक्षा पर दिया जोर**
UNICEF इंडिया के WASH प्रमुख पॉलोस वर्कनेह ने कहा:
“जलवायु लचीलापन और पर्यावरणीय स्थिरता हमारे मिशन का केंद्र है। सुरक्षित जल और जलवायु कार्रवाई के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम राज्य सरकार के साथ मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं।”**
UNICEF जयपुर के WASH विशेषज्ञ रुशभ हेमाणी ने बताया कि राजस्थान को 2047 तक जल-सुरक्षित बनाने के लिए हस्तक्षेप को तीन चरणों—2030, 2035 और 2047—में विभाजित किया गया है।
कई प्रमुख संस्थाओं ने साझा किए अनुभव**
देश की अग्रणी CSR और सामाजिक संस्थाओं—
AIWC मारवी, अर्पण संस्थान, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट, अंबुजा फाउंडेशन, ITC, PHD चैंबर, श्री सीमेंट फाउंडेशन—
ने सफल फील्ड अनुभव और मॉडल प्रस्तुत किए।
राजस्थान को जल-संकट से उबारने की दिशा में बड़ा कदम**
पृष्ठभूमि में, राजस्थान अभी भी देश के सबसे जल-संकटग्रस्त राज्यों में है। भूजल क्षरण, सूखा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच यह बहु-हितधारक साझेदारी—
- भूजल पुनर्भरण
- सतत जलागम संरचनाएँ
- जलवायु-लचीली आजीविकाएँ
- टिकाऊ कृषि
को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करती है।




