जोधपुर में हुआ ऐतिहासिक संगम: राजपूत समाज के चिंतन शिविर से उठी परिवर्तन की दहाड़!
Rajput Samaj Chintan Shivir: राजपूत समाज चिंतन शिविर 2025: नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार की नई शुरुआत
Rajput Samaj Chintan Shivir: जोधपुर, मारवाड़ में 16 नवंबर 2025 को आयोजित राजपूत समाज चिंतन शिविर ने इतिहास का नया अध्याय लिखा। समाज सेवा, नशामुक्ति, दहेज विरोध, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा को समर्पित यह कार्यक्रम राजपूत इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन लेखिका व साहित्य अध्यक्ष (मध्यप्रदेश) डॉ. श्रीमती बिंदु भाटी ने किया। उन्होंने जोधपुर की वीरभूमि और परंपरा को नमन करते हुए समाज को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
मुख्य अतिथियों ने दिया प्रेरणादायक मार्गदर्शन
कार्यक्रम में बाड़मेर–शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, पोकरण विधायक प्रताप पुरी जी महाराज, पद्मश्री व वरिष्ठ समाजसेवक नारायण सिंह साहब, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अनेक संत–महात्मा उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि —
नारी सशक्तिकरण और शिक्षा ही समाज के उत्थान की असली कुंजी है।

दहेज विरोध और नशामुक्ति पर ऐतिहासिक संकल्प
कार्यक्रम में प्रस्तुत विचारों में दहेज प्रथा को समाज का अभिशाप बताते हुए इसे समाप्त करने का संकल्प लिया गया। दहेज विरोधी संगठन, राजपूत सर्वोत्तम संस्थान और टीम मारवाड़ के प्रयासों को सराहा गया।
परम पूज्य गुरुजनों ने युवाओं को नशामुक्त होने की शपथ दिलाई।
युवाओं को समझाया गया कि—
नशा शरीर, समाज और भविष्य — तीनों का विनाश करता है।
नारी सशक्तिकरण: जोधपुर से शुरू हुआ नया युग
चिंतन शिविर का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायक दृश्य रहा राजपूत क्षत्राणियों और नन्हीं बालिकाओं द्वारा तलवारबाजी का अद्भुत प्रदर्शन।
यह पहल नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई।
प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़ी नारी शक्ति को विशेष सम्मान दिया गया।
रक्तदान शिविर में सरदारों का योगदान
कार्यक्रम में आयोजित रक्तदान शिविर में अनेक समाजसेवकों ने भाग लिया।
विशेष रूप से नरेंद्र सिंह राठौड़ (124 बार रक्तदान) के योगदान को सराहा गया।
शिक्षा, संस्कार और समाज निर्माण पर जोर
सभी वक्ताओं ने कहा कि—
- बालिका शिक्षा अनिवार्य है
- संस्कार नारी ही बचा सकती है
- समाज को समय के साथ बदलना चाहिए
- कु प्रथाओं का अंत कर समाज को नई दिशा देना आवश्यक है
दहेज विरोधी संगठन, मध्यप्रदेश के संस्थापक मान महेंद्र सिंह पंवार और तलवारबाजी संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
राजपूत समाज के लिए नवचेतना का संदेश
जोधपुर राजपूत समाज भवन में दिए गए वरिष्ठ नेताओं के भाषणों ने समाज में नई ऊर्जा और नवचेतना जगा दी।
यह संकल्प लिया गया कि —
राजपूत समाज की कुप्रथाओं को समाप्त कर एक नए, शिक्षित, संस्कारी और सशक्त समाज का निर्माण किया जाएगा।
आयोजकों का आभार
कार्यक्रम के संयोजक—
जब्बर सिंह लोड़ता, राजेंद्र सिंह राठौर, गोपाल सिंह भाटी, सुमेर सिंह इंदा, देवी सिंह चौहान, दलपत सिंह सोइंतरा, भोजराज सिंह भाटी, लक्ष्मण सिंह सांवली सहित सभी आयोजक टीम को धन्यवाद दिया गया।
टीम मध्यप्रदेश और राजस्थान के सहयोग को विशेष सराहना मिली।
समापन: एक नए इतिहास की शुरुआत
मातृशक्ति, सरदारों, युवाओं और संत–महात्माओं के आशीर्वाद ने इस कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।
जोधपुर की पावन धरती से नारी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरण का नवयुग प्रारंभ हुआ है।




