विधानसभा में गरजे सीएम योगी: ‘सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता’, बजट सत्र में विपक्ष पर तीखा हमला
UP विधानसभा में CM योगी का बड़ा बयान: सनातन आस्था पर टिप्पणी, विपक्ष पर हमला और विकास मॉडल का दावा
Yogi Adityanath Budget Speech: लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सदन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला और सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कानून-व्यवस्था, आर्थिक विकास, धार्मिक आयोजनों और प्रदेश की बदलती छवि पर जोर दिया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के आचरण पर सवाल
सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का व्यवहार लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं था। उन्होंने शायर गालिब का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष आत्ममंथन करने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ता रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान जिस आचरण से प्रदेश की छवि खराब हुई, उसी की झलक सदन में भी देखने को मिली।
गरीबी से बाहर आए 8 करोड़ लोग, बदली प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में 8 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है। उन्होंने इसे “अव्यवस्था से अनुशासन, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास” की यात्रा बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकल चुका है और 3T—टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन—का प्रतीक बन रहा है। पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया, जो विकास की दिशा और उपलब्धियों का प्रमाण है।
देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में यूपी
सीएम योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कभी पहचान के संकट से जूझने वाला प्रदेश अब विकास की दिशा तय करने वाले अग्रणी राज्यों में शुमार है।
सरकार ने बिना भेदभाव हर नागरिक को सशक्त बनाने का प्रयास किया है और उसके परिणाम जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण को उन्होंने “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का दस्तावेज बताया।
कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अपराधियों का मनोबल ऊंचा था और पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से ही अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां, महिला सशक्तिकरण, त्वरित आपातकालीन सेवाएं और अपराध नियंत्रण इसके प्रमाण हैं।
सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश “उपद्रव प्रदेश” नहीं बल्कि “उत्सव प्रदेश” बन चुका है।
टेंपल इकोनॉमी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दंगों की जगह टेंपल इकोनॉमी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि केवल माघ मेले में 21 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जो बड़े परिवर्तन का संकेत है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है, जो राष्ट्रचेतना का केंद्र है। राम मंदिर, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों का विकास प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता।”
दीपोत्सव और देव दीपावली बने आत्मगौरव के प्रतीक
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और वाराणसी की देव दीपावली अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मगौरव के महापर्व बन चुके हैं। इन आयोजनों ने प्रदेश की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि महाकुंभ के दौरान तमिलनाडु से आए श्रद्धालुओं को चित्रकूट में स्थानीय लोगों ने अतिथि मानकर मदद की। इससे प्रदेश की सामाजिक समरसता और अतिथि देवो भवः की भावना उजागर होती है।
राजस्व और जीएसटी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश की जीएसटी संग्रहण ढाई गुना बढ़ी है। टैक्स चोरी पर रोक और रेवेन्यू लीकेज बंद करने से सरकार को अतिरिक्त संसाधन मिले हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी प्रहार बताया।
पुनर्जागरण का मॉडल
अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब न दंगा है, न कर्फ्यू, बल्कि विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और आत्मगौरव के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।




