राजस्थान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्तीय प्रबंधन का नया कीर्तिमान

Rajasthan tax revenue: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आय-व्ययक अध्ययन 2026-27 के आंकड़ों के अनुसार राज्य के स्वयं के कर राजस्व में लगातार और स्थायी वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि न केवल राजस्व संग्रह की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और वित्तीय अनुशासन की सफलता का भी प्रमाण है।

राज्य सरकार की रणनीतिक नीतियों और डिजिटल सुधारों के कारण कर संग्रह में पारदर्शिता और दक्षता आई है, जिससे राजकोषीय स्थिति और मजबूत हुई है।

वर्ष दर वर्ष बढ़ता कर राजस्व

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में राजस्थान का स्वयं का कर राजस्व 87,347 करोड़ रुपये था। वर्ष 2023-24 में इसमें 7.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह बढ़कर 94,086 करोड़ रुपये हो गया।

इसके बाद वर्ष 2024-25 में वृद्धि की रफ्तार और तेज हुई तथा 9.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा 1,03,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह निरंतर वृद्धि राज्य की सुदृढ़ वित्तीय नीति का परिणाम मानी जा रही है।

2025-26 में बड़ी छलांग, 2026-27 में नया लक्ष्य

संशोधित अनुमान 2025-26 के अनुसार स्वयं का कर राजस्व 34.10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 1,38,540 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह राज्य की वित्तीय क्षमता में बड़ी छलांग का संकेत है।

वहीं बजट अनुमान 2026-27 में यह लक्ष्य 1,62,668 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17.41 प्रतिशत अधिक है। यदि 2023-24 से तुलना करें तो यह वृद्धि लगभग 72.9 प्रतिशत तक पहुंचती है।

यह दर्शाता है कि राज्य सरकार ने अल्पकालिक नहीं, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय रणनीति अपनाई है।

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अनुशासित कर पद्धति और डिजिटलीकरण का प्रभाव

राज्य सरकार ने कर प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन दिया है। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, डिजिटल भुगतान और डेटा आधारित निगरानी से कर संग्रह प्रक्रिया अधिक प्रभावी हुई है।

राज्य वस्तु एवं सेवा कर (GST), राज्य उत्पाद शुल्क, मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क, भू-राजस्व तथा बिक्री कर जैसे प्रमुख मदों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कर प्रशासन में सुधार, कर आधार का विस्तार और अनुपालन में वृद्धि ने इस सकारात्मक परिणाम में अहम भूमिका निभाई है।

विकास और कल्याण योजनाओं को मिलेगा संबल

स्वयं के कर राजस्व में वृद्धि का सीधा लाभ राज्य की विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को मिलेगा। बढ़ा हुआ राजस्व बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में निवेश को मजबूत करेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत वित्तीय आधार से आधारभूत संरचना के क्षेत्रों—जैसे सड़क, जल, बिजली और शहरी विकास—में अधिक निवेश संभव होगा। इससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

वित्तीय अनुशासन से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अपनाई गई अनुशासित कर पद्धति और व्यय नियंत्रण की नीति ने राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान की है। राजकोषीय संतुलन बनाए रखते हुए राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में राजस्थान वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूती से आगे बढ़ेगा।

भविष्य की दिशा

राज्य सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि उसे जनहित में प्रभावी ढंग से उपयोग करना है। वित्तीय सुधारों और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से सरकार विकास को नई गति देने की तैयारी में है।

लगातार बढ़ते कर राजस्व से यह स्पष्ट है कि राजस्थान आर्थिक मजबूती की राह पर अग्रसर है और आने वाले बजट वर्षों में यह प्रवृत्ति और सशक्त रूप में देखने को मिल सकती है।

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