राजस्थान

108 104 Ambulance Strike: रात 12 बजे से थम जाएगी राजस्थान की जीवनरेखा! 108–104 एम्बुलेंस सेवा बंद, हड़ताल से मचा हड़कंप

राजस्थान में 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाएं रविवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रही हैं। वेतन, ड्यूटी टाइम और नए टेंडर की शर्तों के विरोध में कर्मचारियों ने काम बंद करने का ऐलान किया है, जिससे आपात स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।

राजस्थान में आपात स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा खतरा

108 104 Ambulance Strike: प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाएं रविवार रात 12 बजे से बंद होने जा रही हैं। एम्बुलेंस कर्मचारियों की यूनियन ने नए टेंडर की शर्तों के विरोध में कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। इससे प्रदेशभर में आपात मरीजों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो सकता है।

3000 कर्मचारियों की हड़ताल, 1700 से ज्यादा एम्बुलेंस प्रभावित

प्रदेश में फिलहाल 108 सेवा की 1094 और 104 सेवा की 600 एम्बुलेंस संचालित हैं। ये सभी वाहन Modern Emergency Services Limited के माध्यम से चलाई जा रही हैं। इन सेवाओं से जुड़े करीब 3000 कर्मचारी 24×7 ड्यूटी देकर दुर्घटना, हार्ट अटैक और प्रसूति मामलों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाते हैं।

वेतन और ड्यूटी टाइम बना विवाद की वजह

यूनियन के अनुसार कर्मचारियों को वर्तमान में मात्र ₹12,730 मासिक वेतन दिया जा रहा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं—

  • 30% वेतन वृद्धि
  • हर साल 10% वार्षिक इंक्रीमेंट
  • 12 घंटे की जगह 8 घंटे की ड्यूटी

यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि ये मांगें कई बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और स्वास्थ्य विभाग के सामने रखी गईं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

हड़ताल से किन मरीजों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

हड़ताल लागू होते ही—

  • सड़क हादसे
  • हार्ट अटैक
  • गर्भवती महिलाएं
  • ग्रामीण इलाकों की आपात स्थितियां

सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एम्बुलेंस सेवाओं का ठप होना मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी वैकल्पिक इंतजाम या समाधान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकार समय रहते समाधान निकालेगी या फिर आम जनता को इस टकराव की कीमत चुकानी पड़ेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button