झुंझुनूं में बड़ा हादसा टला: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के काफिले में घुसी कार, एस्कॉर्ट वाहन से टक्कर
Prem Chand Bairwa convoy accident: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री Prem Chand Bairwa शनिवार को एक संभावित बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में उनके काफिले के साथ दुर्घटना हो गई, जब एक कार अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए काफिले के बीच घुस गई और एस्कॉर्ट वाहन से टकरा गई। गनीमत रही कि उस समय डिप्टी सीएम की गाड़ी आगे निकल चुकी थी और वे पूरी तरह सुरक्षित रहे।
कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रेमचंद बैरवा झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। उनका काफिला तय मार्ग से गुजर रहा था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इसी दौरान उदयपुरवाटी घाट क्षेत्र में एक कार अचानक काफिले में शामिल होने के उद्देश्य से मुड़ी। इसी प्रयास में वह डिप्टी सीएम को एस्कॉर्ट कर रही गाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के आगे के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।
एस्कॉर्ट वाहन और दूसरी कार को नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब काफिला सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था। अचानक आई कार ने काफिले की संरचना को बाधित किया और एस्कॉर्ट वाहन से सीधी भिड़ंत हो गई।
टक्कर के कारण दोनों वाहनों के बोनट और आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि वाहन चालकों ने संतुलन बनाए रखा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाला और यातायात को नियंत्रित किया।
डिप्टी सीएम पूरी तरह सुरक्षित, नहीं हुई जनहानि
सबसे राहत की बात यह रही कि हादसे के समय डिप्टी सीएम की गाड़ी एस्कॉर्ट वाहन से आगे निकल चुकी थी। इस कारण उनकी गाड़ी दुर्घटना की चपेट में नहीं आई।
अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काफिले को कुछ देर के लिए घटनास्थल पर रोका गया। सुरक्षाकर्मियों ने सभी वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। हालात सामान्य होने के बाद डिप्टी सीएम कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो गए।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच की जा रही है कि संबंधित कार किस प्रकार काफिले के बीच पहुंची और सुरक्षा घेरे को पार करने में कैसे सफल रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान ऐसी घटनाएं सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर समीक्षा की मांग करती हैं। भविष्य में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब किसी वरिष्ठ नेता के काफिले में इस तरह की टक्कर हुई हो। कुछ समय पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता Harish Rawat के काफिले में भी गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं।
वह हादसा मेरठ जिले के खड़ोली मोड़ पर दिल्ली-देहरादून राजमार्ग (एएच-58) पर हुआ था। हालांकि उस घटना में भी किसी प्रकार की गंभीर चोट या जनहानि नहीं हुई थी। इन घटनाओं ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
झुंझुनूं की इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा अपने निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए और कार्यसूची के अनुसार आगे की गतिविधियां जारी रहीं।
झुंझुनूं में डिप्टी सीएम के काफिले के साथ हुई यह दुर्घटना एक बड़ा खतरा बन सकती थी, लेकिन समय रहते स्थिति संभाल ली गई। राहत की बात यह है कि उपमुख्यमंत्री सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सख्ती की उम्मीद की जा रही है।
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