मोर जैसी पूंछ, तोते जैसी चोंच; मुर्गे-मुर्गियों की सौंदर्य प्रतियोगिता में दिखेगा नया आकर्षण

आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में मुर्गों की अनोखी सौंदर्य प्रतियोगिता (Beauty contest of chickens)

सौंदर्य प्रतियोगिताएं तो आपने बहुत देखी होंगी, लेकिन क्या आपने मुर्गों की सौंदर्य प्रतियोगिता (Beauty contest of chickens) देखी है? जी हां, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटका में ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जो न केवल अनोखी हैं, बल्कि हैरान भी कर देती हैं। इन प्रतियोगिताओं में सबसे सुंदर मुर्गों को पुरस्कार दिया जाता है।

इन प्रतियोगिताओं (Beauty contest of chickens) में ऐसे मुर्गे और मुर्गियां प्रदर्शित होती हैं, जो अपनी विशेषताओं के कारण किसी को भी आकर्षित कर सकती हैं। इनमें कुछ मुर्गों की पूंछ मोर जैसी होती है, तो कुछ की चोंच तोते जैसी। इन मुर्गों को देखकर ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने उन्हें सजाया हो। प्रतियोगिता में विजेता मुर्गे को 5,000 रुपये तक का पुरस्कार मिलता है, साथ ही कभी-कभी पुरस्कार के रूप में फ्रीज और टीवी भी दिए जाते हैं।

इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले मुर्गों की कीमत भी काफी अधिक होती है। इनकी कीमत एक लाख रुपये से लेकर 1 लाख 20 हजार रुपये तक हो सकती है। आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के राजुपालेम गांव के सैयद बाशा, जो मुर्गों की सौंदर्य प्रतियोगिताओं के लिए इन्हें तैयार करते हैं, बताते हैं कि यह उनका पुश्तैनी काम है। उनके दादा-पिता भी इसी काम में लगे थे, और अब वह खुद इस काम को अपना पेशा बना चुके हैं।

सैयद बाशा अपने फार्म में तोते जैसी चोंच और मोर जैसी पूंछ वाली मुर्गियों का पालन करते हैं। वह इन्हें मोर से क्रॉस करके तैयार करते हैं और विशेष तरीके से इनकी देखभाल करते हैं।

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इन मुर्गों को सही से पालने के लिए विशेष आहार दिया जाता है। बाशा बताते हैं कि वह अपने मुर्गों को रागी, साजस, मक्का, और सूखी मछली खिलाते हैं। प्रतियोगिता (Beauty contest of chickens) में हिस्सा लेने से तीन महीने पहले, इन मुर्गों को उबले अंडे, काजू और बादाम भी खिलाए जाते हैं। इसके अलावा, इन मुर्गों को बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर दवाइयां भी दी जाती हैं।

सैयद बाशा के फार्म से तैयार मुर्गों की मांग पूरे दक्षिण भारत में है। उनके फार्म से एक महीने के चूजे 3,000 से 5,000 रुपये में बिकते हैं। इसके अलावा, उनके पास 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य का एक मुर्गा भी है, और 40,000 से 60,000 रुपये मूल्य के अन्य मुर्गे भी सौंदर्य प्रतियोगिता के लिए तैयार किए जा रहे हैं। बाशा बताते हैं कि उनके फार्म से मुर्गे और अंडे खरीदने के लिए प्रकाशम के अलावा अनंतपुर, कुरनूल, नंदयाला और कडप्पा जिलों से भी लोग आते हैं।

मुर्गों की यह सौंदर्य प्रतियोगिता (Beauty contest of chickens) निश्चित रूप से अनोखी है, जहां केवल दिखावट और आहार नहीं, बल्कि इनकी देखभाल और प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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