National Moot Court Competition: संस्कारम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन, देशभर की टीमों ने दिखाया दम
देशभर की 40 टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा, ₹1 लाख की पुरस्कार राशि वितरित, विधि छात्रों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 40 टीमों की भागीदारी
National Moot Court Competition: हरियाणा के झज्जर स्थित Sanskaram University में आयोजित मास्टर दयानंद राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। विधि एवं विधिक अध्ययन संकाय द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 40 टीमों ने हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने अपने विधिक ज्ञान, शोध क्षमता और प्रभावशाली वाद-विवाद कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए न्यायिक प्रक्रिया की गहरी समझ का परिचय दिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहद उच्च रहा, जिससे यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव साबित हुई।
मुख्य अतिथि ने सराहा आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Rajeev Khanna ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विधि शिक्षा को व्यवहारिक आयाम प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को न केवल न्यायिक प्रक्रिया को समझने का अवसर देती हैं, बल्कि उनमें तार्किक सोच, अभिव्यक्ति कौशल और पेशेवर दक्षता भी विकसित करती हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों के उच्च स्तरीय प्रदर्शन को सराहते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी सराहा।

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बनी विजेता
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में Christ University NCR और Manipal University Jaipur की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।
अंततः क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को ₹31,000 की पुरस्कार राशि दी गई, जबकि मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर की टीम उपविजेता रही, जिन्हें ₹21,000 से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, Damodaram Sanjivayya National Law University को “Best Memorial” और मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर को “Best Speaker” का पुरस्कार प्रदान किया गया। अन्य उत्कृष्ट प्रतिभागियों को भी ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि दी गई।
₹1 लाख की कुल पुरस्कार राशि वितरित
इस प्रतियोगिता में कुल ₹1,00,000 की पुरस्कार राशि वितरित की गई, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और मनोबल बढ़ा। यह पहल छात्रों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विधि शिक्षा में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करती है।
चांसलर का संदेश: शिक्षा में उत्कृष्टता का लक्ष्य
विश्वविद्यालय के चांसलर Dr. Mahipal ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने बताया कि मूट कोर्ट जैसे मंच विद्यार्थियों में न्यायिक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और तार्किक सोच को विकसित करते हैं। साथ ही, यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाते हैं।
कुलपति ने दी बधाई
कुलपति Dr. Ajit Singh ने आयोजन की सफलता पर विधि संकाय की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संकाय विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।
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प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल की रही अहम भूमिका
प्रतियोगिता का मूल्यांकन अनुभवी और प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों द्वारा किया गया। इनमें Somabha Bandopadhyay, Sushil K Sharma, Garima Tiwari, Om Prakash Vyas और Pradeep Kalra शामिल रहे।
साथ ही झज्जर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
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उत्साह और उपलब्धि के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन उत्साह, उपलब्धि और संतोष की भावना के साथ हुआ। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस सफल आयोजन में छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने इसे यादगार बना दिया।





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