मिजोरम में पहली बार दौड़ेगी ट्रेन! 48 सुरंगें, 142 पुल और कुतुब मीनार से ऊंचा पुल नंबर 196
मिजोरम में पहली बार दौड़ेगी ट्रेन (Mizoram First Train News) ! 48 सुरंगें, 142 पुल और कुतुब मीनार से ऊंचा पुल नंबर 196
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम के लिए इतिहास रचने वाला दिन आने वाला है। पहली बार मिजोरम की राजधानी आइजोल भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ने जा रही है(Mizoram First Train News) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर 2025 को बैराबी-सैरांग रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे।
यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्व के विकास, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
क्या है खास – एक नजर में
- 🔹 लंबाई: 51.38 किलोमीटर
- 🔹 48 सुरंगें – कुल लंबाई 12.8 किमी
- 🔹 142 पुल, जिनमें:
- 55 बड़े पुल
- 87 छोटे पुल
- 🔹 पुल संख्या 196 – 104 मीटर ऊंचा, जो कि दिल्ली के कुतुब मीनार (73 मीटर) से भी ऊंचा है!
- 🔹 यह प्रोजेक्ट भारत की “Act East Policy” का हिस्सा है।
पहली बार रेलवे मैप पर होगा मिजोरम का आइजोल
इस परियोजना के पूरा होने के साथ, आइजोल पहली बार भारतीय रेलवे मैप का हिस्सा बनेगा। शुरुआत में यह लाइन असम के सिलचर से जोड़ेगी, जिससे आइजोल को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ना संभव होगा।
उद्घाटन की तैयारियां – प्रधानमंत्री मोदी का दौरा
- प्रधानमंत्री 12 सितंबर को आइजोल पहुंचेंगे, रात वहीं ठहरेंगे।
- 13 सितंबर को वे खुद बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन करेंगे।
- इसकी पुष्टि खुद मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदूहोमा ने की है।
- उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इस दौरे को लेकर चर्चा की
सैरांग स्टेशन बनेगा वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी सेंटर
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सैरांग रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहां से राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवाएं शुरू करने की भी योजना है।
पूर्वोत्तर के विकास को मिलेगी रफ्तार
यह परियोजना ना सिर्फ मिजोरम को देश से जोड़ेगी, बल्कि:
- पर्यटन को बढ़ावा देगी
- बिजनेस और ट्रांसपोर्टेशन को सुविधाजनक बनाएगी
- और पूर्वोत्तर राज्यों में सांस्कृतिक और आर्थिक एकीकरण को गति देगी



