समंदर में कितनी रफ्तार से दौड़ते हैं LPG टैंकर? भारत आ रहे दो जहाजों से समझिए पूरा गणित
होर्मुज पार कर भारत पहुंच रहे गैस टैंकर, जानिए समुद्र में उनकी स्पीड, कैटेगरी और ऊर्जा सप्लाई में उनकी अहम भूमिका
LPG Tanker Speed: भारत की ओर बढ़ रहे LPG टैंकर, सप्लाई को मिलेगी राहत
भारत के लिए राहत की खबर है कि रसोई गैस (LPG) लेकर आ रहे दो बड़े टैंकर समुद्री रास्ते से देश के करीब पहुंच चुके हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, BW TYR और BW ELM नाम के ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं।
बताया जा रहा है कि BW TYR 31 मार्च को मुंबई पहुंच सकता है, जबकि BW ELM 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचेगा। दोनों जहाज करीब 94 हजार टन LPG लेकर आ रहे हैं, जिससे देश में गैस आपूर्ति मजबूत होगी।
होर्मुज रूट क्यों है अहम?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह खाड़ी देशों से तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख रास्ता है। हाल ही में ईरान ने भारत समेत कुछ देशों को इस रूट से गुजरने की अनुमति दी है, जिससे भारतीय टैंकरों की आवाजाही सुगम बनी हुई है।
LPG और तेल टैंकर कितनी स्पीड से चलते हैं?
समुद्र में चलने वाले तेल और गैस टैंकरों की गति कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे जहाज का आकार, वजन, दूरी और ईंधन की खपत। आमतौर पर इन्हें चार मुख्य स्पीड कैटेगरी में बांटा जाता है:

1. नॉर्मल स्पीड (Normal Speed)
यह जहाज की सामान्य गति होती है।
- रफ्तार: 37 से 46.3 किमी/घंटा
- इस स्पीड पर बड़े टैंकर तेजी से दूरी तय करते हैं
- समय बचाने के लिए यह गति उपयोगी होती है
अधिकतर बड़े LPG और ऑयल टैंकर इसी स्पीड पर डिजाइन किए जाते हैं।
2. स्लो स्टीमिंग (Slow Steaming)
- रफ्तार: 33.3 से 37 किमी/घंटा
- इस स्पीड का उपयोग ईंधन बचाने के लिए किया जाता है
- लागत कम होती है, लेकिन समय थोड़ा बढ़ जाता है
आजकल कई कंपनियां लागत कम करने के लिए इस स्पीड को अपनाती हैं।
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3. एक्स्ट्रा स्लो स्टीमिंग (Extra Slow Steaming)
- रफ्तार: 27.8 से 33.3 किमी/घंटा
- इसे किफायती या सुपर स्लो स्पीड भी कहा जाता है
- छोटी दूरी या कम प्राथमिकता वाले कार्गो के लिए उपयोगी
इसमें ईंधन की बचत अधिक होती है, लेकिन डिलीवरी टाइम काफी बढ़ जाता है।
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4. मिनिमल कॉस्ट स्पीड (Minimal Cost Speed)
- रफ्तार: 22.2 से 27.8 किमी/घंटा
- यह सबसे धीमी गति होती है
- बहुत कम परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जाता है
इस स्पीड पर जहाज चलने से लागत तो कम होती है, लेकिन समय बहुत ज्यादा लग जाता है।
स्पीड तय करने वाले मुख्य फैक्टर
- जहाज का आकार और वजन
- समुद्री मौसम और लहरें
- ईंधन की कीमत
- डिलीवरी की प्राथमिकता
इन्हीं कारणों से हर जहाज अपनी जरूरत के हिसाब से स्पीड चुनता है।
भारत में LPG की मांग और आयात
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है। देश अपनी कुल जरूरत का करीब 60% गैस आयात करता है, जबकि 40% घरेलू उत्पादन से पूरा होता है।
ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सप्लाई और समुद्री मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
स्पीड और सप्लाई का संतुलन जरूरी
समुद्र में LPG टैंकरों की गति केवल रफ्तार का मामला नहीं है, बल्कि यह लागत, समय और सुरक्षा का संतुलन है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जहाज समय पर और सुरक्षित तरीके से गैस पहुंचाएं।
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