जब खेल जुनून बना हिंसा: मेसी के इवेंट से फिर उजागर हुआ कोलकाता स्टेडियम का खौफनाक इतिहास

Lionel Messi Event Chaos in Kolkata: मेसी का इवेंट और बेकाबू भीड़

Lionel Messi Event Chaos in Kolkata: भारत में फुटबॉल को लेकर दीवानगी किसी से छुपी नहीं है। भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मजबूत न हो, लेकिन फैंस के जुनून में कोई कमी नहीं। जब सालों बाद फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनल मेसी भारत पहुंचे, तो कोलकाता में उन्हें देखने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े।

13 दिसंबर को सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित इस इवेंट में शुरुआत में उत्साह चरम पर था, लेकिन कुछ ही समय में हालात बेकाबू हो गए। स्टेडियम में कुर्सियां उछाली गईं, बोतलें फेंकी गईं और जमकर हाथापाई हुई, जिससे पूरा कार्यक्रम अव्यवस्था और शर्मनाक हालात में बदल गया।

ईडन गार्डन्स: जहां हिंसा ने ली 16 जानें

कोलकाता में खेल हिंसा का इतिहास नया नहीं है।
16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स में खेले गए ऐतिहासिक कलकत्ता डर्बी (ईस्ट बंगाल बनाम मोहन बागान) के दौरान रेफरी के फैसलों से नाराज़ फैंस हिंसक हो गए।

कुछ ही मिनटों में झगड़ा भगदड़ में बदल गया, जिसमें 16 फुटबॉल प्रशंसकों की मौत हो गई। यह भारतीय खेल इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक मानी जाती है।

जब खिलाड़ी ही आपस में भिड़ गए

7 अक्टूबर 2001 को सॉल्ट लेक स्टेडियम में IFA शील्ड फाइनल के दौरान ईस्ट बंगाल और ब्राजील के क्लब पालमिराज के बीच मुकाबला चल रहा था।
मैच के दौरान खिलाड़ियों के बीच टक्कर ने ऐसा रूप लिया कि दोनों टीमों के खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ और कोचिंग स्टाफ मैदान में ही भिड़ गए

हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को मैदान में उतरकर लाठीचार्ज करना पड़ा और अंततः फाइनल मुकाबला रद्द करना पड़ा।

1996 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: जब स्टेडियम में लगी आग

फुटबॉल ही नहीं, क्रिकेट भी कोलकाता में हिंसा से अछूता नहीं रहा।
1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत की हार से नाराज़ दर्शकों ने ईडन गार्डन्स में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मैच को बीच में ही रोकना पड़ा और श्रीलंका को विजेता घोषित किया गया।

फर्जी टिकटों से भड़की आगजनी

1 जनवरी 1967 को भारत-वेस्टइंडीज टेस्ट मैच के दौरान फर्जी टिकटों की बिक्री के कारण स्टेडियम में क्षमता से ज्यादा भीड़ जमा हो गई।
हालात बिगड़ते ही दर्शकों और पुलिस में झड़प हुई, जिसके बाद स्टेडियम में आगजनी और तोड़फोड़ हुई और मैच रोकना पड़ा।

सचिन तेंदुलकर के विकेट पर मचा बवाल

1999 में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान जब सचिन तेंदुलकर रन-आउट हुए, तो फैंस भड़क उठे।
कुछ दर्शक मैदान में घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी, हालांकि इस बार सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को जल्दी संभाल लिया।

मेसी इवेंट ने फिर खड़े किए सवाल

लियोनल मेसी के इवेंट में हुई ताजा हिंसा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि
क्या कोलकाता के स्टेडियम बड़े आयोजनों के लिए अब भी सुरक्षित हैं?

खेल जुनून अच्छा है, लेकिन जब वही जुनून हिंसा में बदल जाए, तो वह खेल और समाज—दोनों के लिए खतरा बन जाता है।

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