दिल्ली में हरित भविष्य की नई शुरुआत: उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया पहले DDA ग्रीन एक्सपो 2026 का उद्घाटन
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लोगो और ईयर बुक का अनावरण किया, सार्वजनिक पार्कों को नवाचार और पर्यावरण केंद्र बनाने की पहल
DDA Green Expo 2026: राष्ट्रीय राजधानी में सतत शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल V. K. Saxena ने बांसेरा में आयोजित पहले Delhi Development Authority (DDA) ग्रीन एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य दिल्ली को हरित, स्वस्थ और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित करना है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने DDA ग्रीन्स लोगो और DDA ग्रीन्स ईयर बुक 2026 का भी अनावरण किया, जो हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देने की दिशा में नई सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
‘बियॉन्ड ग्रोथ: रीइमेजिनिंग अर्बन फ्यूचर्स’ थीम पर केंद्रित एक्सपो
दो दिवसीय एक्सपो का विषय ‘बियॉन्ड ग्रोथ: रीइमेजिनिंग अर्बन फ्यूचर्स’ रखा गया है। इस मंच पर वरिष्ठ सरकारी नेता, शहरी योजनाकार, जलवायु विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि एकत्र हुए।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह एक्सपो केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली के लिए हरित और अधिक आशाजनक भविष्य की पुष्टि है। उन्होंने आम नागरिकों को भी इस पर्यावरणीय यात्रा का नायक बताया, जो अपने घरों के बाहर छोटे-छोटे हरित क्षेत्रों का संरक्षण करते हैं।
बांसेरा: प्रदूषित स्थल से हरित मॉडल तक का सफर
उपराज्यपाल ने कहा कि तीन वर्ष पहले तक किसी ने कल्पना नहीं की थी कि बांसेरा जैसा स्थल, जो कभी प्रदूषित और उपेक्षित था, आज ग्रीन एक्सपो की मेजबानी करेगा। उन्होंने इसे खराब भूमि को पुनर्जीवित करने और पर्यावरणीय लचीलेपन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

DDA ने किए कई महत्वपूर्ण समझौते (MoUs)
एक्सपो का मुख्य आकर्षण विभिन्न संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर रहा, जो दिल्ली के सार्वजनिक स्थलों के भविष्य को नई दिशा देंगे।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के साथ साझेदारी
National School of Drama (NSD) के साथ सहयोग के तहत DDA पार्कों में सामुदायिक थिएटर, कार्यशालाएं और बच्चों के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पार्क सांस्कृतिक मंच के रूप में विकसित होंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय और डीटीयू से सहयोग
University of Delhi के साथ समझौते से शहरी पारिस्थितिकी पर शोध और छात्र-नेतृत्व वाले फील्डवर्क को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं Delhi Technological University (DTU) के सहयोग से पार्क प्रबंधन में तकनीक आधारित स्थिरता समाधान लागू किए जाएंगे।

औषधीय पौधों के संरक्षण की पहल
National Medicinal Plants Board के सहयोग से चयनित पार्कों में हर्बल गार्डन और औषधीय नर्सरी विकसित की जाएंगी, जिससे जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
WWF-इंडिया के साथ प्रकृति केंद्र
WWF-India के साथ साझेदारी के तहत असीता क्षेत्र में नागरिक प्रकृति केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देंगे।
MVDA के साथ ज्ञान साझेदारी
Mathura-Vrindavan Development Authority (MVDA) के साथ समझौते के माध्यम से सतत शहरी नियोजन और विरासत-संवेदनशील विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
DDA की भूमिका: मास्टर प्लानर से पर्यावरणीय ट्रस्टी तक
DDA के उपाध्यक्ष एन. सरवन कुमार ने कहा कि DDA केवल मास्टर प्लानर या डेवलपर नहीं, बल्कि दिल्ली का पर्यावरणीय ट्रस्टी भी है। इन साझेदारियों के माध्यम से DDA पार्कों को सीखने, नवाचार, संस्कृति और पारिस्थितिकी के जीवंत केंद्रों में बदलने की योजना है।
महत्वपूर्ण शहरी चुनौतियों पर चर्चा
एक्सपो में अत्यधिक गर्मी, बाढ़ प्रतिरोधकता, प्रकृति-आधारित बुनियादी ढांचे, सर्कुलर फूड सिस्टम और हरित वित्तपोषण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए।
‘डिजाइनिंग फॉर क्लाइमेट-रेस्पॉन्सिव सिटीज’ पैनल में ऊर्जा-कुशल शहरी डिजाइन, जलवायु-अनुकूल सार्वजनिक स्थान और लचीले बुनियादी ढांचे पर गहन चर्चा हुई।
दिल्ली के शहरी भविष्य की नई दिशा
इन समझौतों के माध्यम से DDA पार्कों को केवल मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि अनुसंधान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, युवा सहभागिता और पर्यावरण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल दिल्ली को हरित बुनियादी ढांचे और सामुदायिक जीवन के संतुलन की दिशा में आगे ले जाएगी।
DDA ग्रीन एक्सपो 2026 दिल्ली के शहरी विकास मॉडल में परिवर्तनकारी कदम साबित हो सकता है। हरित क्षेत्रों के विस्तार, संस्थागत सहयोग और नागरिक सहभागिता के माध्यम से राजधानी एक स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की ओर बढ़ रही है।




