जयपुर मेट्रो फेज-2 को रिकॉर्ड समय में मंजूरी, अब तेजी से शुरू होगा निर्माण कार्य
केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति के बाद 42.80 किमी लंबे मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू होगा, जिससे जयपुर की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलेगी
Jaipur Metro Phase 2 approval : केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद बड़ा कदम
Jaipur Metro Phase 2 approval: जयपुर। राजस्थान की राजधानी के लिए बड़ी खुशखबरी है। जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (Phase-2) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड समय में मंजूरी (Jaipur Metro Phase 2 approval) दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।
यह मंजूरी इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि अन्य शहरों की तुलना में जयपुर मेट्रो फेज-2 की डीपीआर को बहुत कम समय में हरी झंडी मिली है। राज्य सरकार ने मई 2025 में डीपीआर केंद्र को भेजी थी और महज 10 महीने 18 दिनों में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई।
तेजी से आगे बढ़ी मंजूरी प्रक्रिया
डीपीआर को इंटर मिनिस्ट्रियल कंसल्टेशन के बाद पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के पास भेजा गया। दिसंबर में हुई बैठक में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRC) के एमडी वैभव गालरिया ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके बाद परियोजना को स्वीकृति मिल गई।
PIB स्तर पर भी यह परियोजना अन्य शहरों की तुलना में आगे रही। जहां पुणे, नोएडा और लखनऊ की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी में ज्यादा समय लगा, वहीं जयपुर मेट्रो को मात्र 6 महीने 20 दिनों में PIB से हरी झंडी मिल गई।
42.80 किलोमीटर लंबा होगा नया मेट्रो रूट
जयपुर मेट्रो का दूसरा चरण कुल 42.80 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस रूट की खास बात यह है कि इसमें एलिवेटेड और भूमिगत दोनों तरह के कॉरिडोर शामिल होंगे।
रूट की प्रमुख विशेषताएं:
- टोंक रोड स्थित रिंग रोड से विद्याधर नगर टोड़ी मोड़ तक मेट्रो संचालन
- कुल 36 स्टेशन, जिनमें 2 भूमिगत
- लगभग 3 किलोमीटर भूमिगत कॉरिडोर
- सीतापुरा, सांगानेर, एयरपोर्ट, गांधी नगर, रामबाग, एसएमएस अस्पताल जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी
यह परियोजना शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ते हुए ट्रैफिक समस्या को कम करने में मदद करेगी।
पहले पैकेज का काम जल्द शुरू
राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस परियोजना को 7-8 पैकेजों में विभाजित किया है। पहले चरण में प्रहलादपुरा रिंग रोड से पिंजरापोल गौशाला तक करीब 11 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा।
इस पैकेज के लिए सैम इंडिया बिल्टवैल प्राइवेट लिमिटेड और सीगल इंडिया लिमिटेड की संयुक्त कंपनी का चयन किया गया है। यह कंपनी 918 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य करेगी, जो निर्धारित लागत से 19.83% कम है।
34 महीने में पूरा होगा निर्माण
चयनित कंपनी को 34 महीनों में कार्य पूरा करना होगा। इस दौरान प्रहलादपुरा, बीलवा, गोनेर रोड, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग और पिंजरापोल गौशाला जैसे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
कार्यादेश जारी होने के बाद कंपनी तुरंत मौके पर काम शुरू कर देगी, जिससे परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
जयपुर के विकास को मिलेगी नई दिशा
जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, प्रदूषण कम होगा और आमजन को तेज, सुरक्षित और सस्ती यात्रा सुविधा मिलेगी। साथ ही यह परियोजना रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी और शहर के आर्थिक विकास को गति देगी।
अन्य शहरों से आगे निकला जयपुर
दिलचस्प बात यह है कि जयपुर मेट्रो की डीपीआर मंजूरी समय के मामले में देश के अन्य शहरों से आगे रही है। पुणे, नोएडा और लखनऊ की परियोजनाओं की तुलना में जयपुर मेट्रो को सबसे कम समय में स्वीकृति मिली है, जो राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाता है।




