Indian Football League Jaipur: जयपुर में ‘इंडियन फुटबॉल लीग’ का आगाज़, राज्यपाल का संदेश—खेलों से बनता है स्वस्थ और सशक्त भारत
राजस्थान यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के आयोजन में राज्यपाल ने खेलों के महत्व पर जोर देते हुए स्वस्थ जीवन और युवा विकास का आह्वान किया
विद्याधर नगर स्टेडियम में भव्य शुभारंभ
Indian Football League Jaipur: जयपुर, 7 अप्रैल। राजस्थान यूनाइटेड फुटबॉल क्लब की ओर से आयोजित ‘इंडियन फुटबॉल लीग’ का भव्य शुभारंभ मंगलवार को विद्याधर नगर स्थित स्टेडियम में हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत करते हुए प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया। उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
खेलों से बनता है स्वस्थ तन और मजबूत मन
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में खेलों का विशेष महत्व है। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं बल्कि मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि खेल अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास सिखाते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होते हैं।

‘खेलो इंडिया’ अभियान की सराहना
राज्यपाल ने केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘खेलो इंडिया’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रही है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में मदद करती हैं।
फुटबॉल: विश्व का सबसे लोकप्रिय खेल
अपने संबोधन में राज्यपाल ने फुटबॉल के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फुटबॉल आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल बन चुका है, जिसकी जड़ें दो हजार वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती हैं।
उन्होंने बताया कि आधुनिक फुटबॉल का विकास 19वीं सदी में इंग्लैंड में हुआ। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघ (FIFA) की स्थापना वर्ष 1904 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में की गई थी। इसके संस्थापक देशों में बेल्जियम, फ्रांस, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड शामिल थे।
महिला फुटबॉल का बढ़ता महत्व
राज्यपाल ने महिला फुटबॉल के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में महिला फुटबॉल की शुरुआत 1990 के दशक में हुई और इसमें पश्चिम बंगाल की खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की फुटबॉल प्रतियोगिता को वर्ष 1996 में अटलांटा ओलंपिक में शामिल किया गया, जिससे इस खेल को वैश्विक पहचान मिली।
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भारतीय फुटबॉल के इतिहास का उल्लेख
राज्यपाल ने भारतीय फुटबॉल के विकास में योगदान देने वाले अग्रणी व्यक्तित्व नागेंद्र प्रसाद को याद किया। उन्होंने बताया कि नागेंद्र प्रसाद ने कोलकाता और बंगाल में कई फुटबॉल क्लब स्थापित कर इस खेल को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने युवाओं को खेलों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने फुटबॉल मैच का आनंद भी लिया और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की।
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