उद्घाटन के बाद भी नहीं शुरू हो सकीं फ्लाइट्स
Noida Airport Flight Delay: नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हाल ही में नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। यह एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल है, लेकिन उद्घाटन के कई दिन बाद भी यहां से उड़ान सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।
इस देरी ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी परियोजना तैयार होने के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन क्यों शुरू नहीं हो पाया।
सुरक्षा मंजूरी बनी सबसे बड़ी वजह
किसी भी एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है सुरक्षा मंजूरी। यह मंजूरी नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा दी जाती है।
फिलहाल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम की अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। जब तक यह मंजूरी नहीं मिलती, तब तक किसी भी तरह की उड़ान सेवा शुरू करना संभव नहीं है।

CEO की नागरिकता पर अटका मामला
देरी की एक और बड़ी वजह एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी के CEO की नागरिकता है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के CEO विदेशी नागरिक हैं।
नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट सुरक्षा मंजूरी के लिए यह आवश्यक है कि ऑपरेटिंग कंपनी का CEO भारतीय नागरिक हो। इस नियम के कारण सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया में अड़चन आ रही है और फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने में देरी हो रही है।
DGCA से मिला लाइसेंस, फिर भी इंतजार
ध्यान देने वाली बात यह है कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) पहले ही एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस दे चुका है। इसका मतलब है कि एयरपोर्ट तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है और यहां विमान उतरने और उड़ान भरने की सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
इसके बावजूद केवल सुरक्षा मंजूरी के अभाव में ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहा है।
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उड़ानें शुरू होने में कितना समय लगेगा?
अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही BCAS से सुरक्षा मंजूरी मिल जाती है, उसके बाद भी उड़ान सेवाएं शुरू होने में करीब 1 से 1.5 महीने का समय लग सकता है।
इस दौरान:
- एयरलाइंस स्टाफ की तैनाती
- सुरक्षा जांच प्रक्रिया
- ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी
- ट्रायल रन और टेस्टिंग
जैसी अंतिम तैयारियां पूरी की जाती हैं।
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समाधान के लिए जारी हैं प्रयास
सरकारी एजेंसियां और एयरपोर्ट प्रबंधन इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नियमों के अनुरूप बदलाव और आवश्यक मंजूरी जल्द से जल्द प्राप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
अधिकारियों का दावा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
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देश के लिए क्यों अहम है यह एयरपोर्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने से:
- दिल्ली-NCR पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी
- व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
तैयार एयरपोर्ट, बस मंजूरी का इंतजार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने तक उड़ानों का इंतजार करना होगा। एक बार सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद यह एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।




