मिडिल ईस्ट तनाव पर पीएम मोदी का भरोसा: “कोविड की तरह इस संकट से भी पार पा लेंगे”, ऊर्जा सुरक्षा पर दिया बड़ा संदेश
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करेगा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
Modi on Middle East tension: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि भारत इस चुनौती से भी मजबूती के साथ बाहर निकलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ने COVID-19 महामारी के कठिन दौर को मिलकर पार किया था, उसी तरह मौजूदा संकट का सामना भी एकजुट होकर किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता पैदा हुई है। हालांकि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
वैश्विक संकट के दौर में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया एक कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और युद्धों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है और कोई भी देश इससे पूरी तरह अछूता नहीं रह सकता। ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी है कि वह अपनी ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता को सुरक्षित रखे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत इस संकट का सामना करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। सरकार वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर नजर रखते हुए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
कोविड काल का उदाहरण देकर जताया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कोविड महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने उस समय भी अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना किया था।
उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिकों ने मिलकर उस संकट से मुकाबला किया और दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि जिस तरह हमने कोविड काल में एकजुट होकर कठिन परिस्थितियों को पार किया, उसी तरह इस ऊर्जा संकट का भी समाधान निकाल लेंगे।”
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने की अपील
प्रधानमंत्री ने इस दौरान राज्य सरकारों और प्रशासन से भी अहम अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकना बेहद जरूरी है।
उन्होंने राज्यों से निगरानी बढ़ाने और बाजार व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय सरकार, राजनीतिक दलों, मीडिया, युवाओं और आम नागरिकों सभी की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सभी को मिलकर काम करना होगा ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट से बचा जा सके।
ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है और कई विश्व नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रही है।
इन बातचीतों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली संभावित बाधाओं को दूर करना और भारत के लिए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर भारत के किसानों और आम नागरिकों पर कम से कम पड़े।
दुनिया के लिए उम्मीद का केंद्र बन रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर नई उम्मीदों के साथ देख रही है।
उन्होंने कहा कि कई वैश्विक नेता और विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, दुनिया के कई देश भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने में रुचि दिखा रहे हैं और यह भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
संकट के बीच बढ़ी भारत की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया भारत से उम्मीदें रखती है तो हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत को अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करते हुए वैश्विक स्तर पर भी जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और विकास की गति प्रभावित न हो।
एकजुटता से ही मिलेगा समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर देश एकजुट होकर काम करे तो समाधान जरूर निकलता है।
उन्होंने नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील करते हुए कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।




