PM Modi Middle East Statement: मिडिल ईस्ट तनाव पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, शांति और भारतीयों की सुरक्षा पर दिया जोर
PM Modi Middle East Statement: मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की स्पष्ट नीति
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान भी कई ठिकानों पर हमले कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहरा गई है।
ऐसे संवेदनशील समय में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा (PM Modi Middle East Statement) कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा, “विश्व में चल रहे अनेक तनावों के लिए भारत की सोच स्पष्ट है। हमने हमेशा शांति बनाए रखने की ही बात कही है। पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है।”
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि किसी भी संकट का स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। उनका कहना था कि बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और रहते हैं। ऐसे में वहां बढ़ते तनाव को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंता बनी हुई है। पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि भारत सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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कनाडा के प्रधानमंत्री से महत्वपूर्ण मुलाकात
इसी दिन राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
50 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य का रोडमैप
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का उपयोग करना दोनों देशों की प्राथमिकता है। इसी दिशा में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 अरब डॉलर का व्यापार हासिल करना है। यह निर्णय दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर खोलेगा।”
यह समझौता कृषि, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत में कनाडाई निवेश पर भरोसा
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि कनाडा के पेंशन फंड भारत में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं। उन्होंने इसे भारत की विकास यात्रा में कनाडा के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था है और वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ आगे होने वाली बैठकें आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
वैश्विक तनाव के बीच संतुलित कूटनीति
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत का संतुलित और शांतिपूर्ण रुख अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक संदेश है। एक ओर भारत शांति की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक हितों को भी प्राथमिकता दे रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता बढ़ रही है। भारत का स्पष्ट संदेश है—संवाद, सहयोग और शांति ही स्थायी समाधान का मार्ग है।




