Rajasthan Shramik Hunkar Rally:हज़ारों मजदूरों की हुंकार से गूंजा जयपुर! सरकार से तुरंत समाधान की मांग
जयपुर में आयोजित श्रमिक हुंकार रैली में भारतीय मजदूर संघ ने मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिम्मते ने सरकार से मांग पत्र पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।
Rajasthan Labour Protest: श्रमिक हुंकार रैली में सरकार को चेतावनी
जयपुर, 26 दिसंबर। भारतीय मजदूर संघ (BMS) राजस्थान प्रदेश द्वारा आयोजित “श्रमिक हुंकार रैली” में हजारों मजदूरों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। रैली को संबोधित करते हुए BMS के अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिम्मते ने कहा कि जब तक राज्य सरकार मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक प्रदेश में वास्तविक खुशहाली संभव नहीं है।
शहीद स्मारक से सिविल लाइंस तक निकली विशाल रैली
26 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे शहीद स्मारक से प्रारंभ हुई रैली सिविल लाइंस फाटक तक पहुंची, जहां यह एक विशाल आमसभा में तब्दील हो गई। रैली में संगठित और असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों और विभिन्न महासंघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
असंगठित मजदूरों की हालत सबसे चिंताजनक
सभा को संबोधित करते हुए BMS के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष राज बिहारी शर्मा ने कहा कि राजस्थान में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। केवल संगठित क्षेत्र तक सीमित न रहकर ठड़ी-ठेला व्यवसायियों, गरीब मजदूरों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए ठोस कदम उठाना ही सुशासन की पहचान है।
सरकार की उपेक्षा से सड़क पर उतरे मजदूर
क्षेत्रीय संगठन मंत्री सी. वी. राजेश ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन न मंत्रियों और न ही वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। इसी उपेक्षा के कारण मजदूरों को सड़कों पर उतरना पड़ा।

250 से ज्यादा मांगों पर सरकार को घेरा
प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बार-बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागवार मांग पत्रों पर मंत्री स्तर की वार्ता कर शीघ्र समाधान किया जाए।
सभा में आंगनवाड़ी, आशा, NHM, विद्युत, परिवहन, वस्त्र उद्योग, निर्माण मजदूर, सहकारी कर्मचारी, स्ट्रीट वेंडर्स सहित 30 से अधिक संगठनों ने अपनी समस्याएं रखीं।
मुख्य मांगें क्या रहीं?
- आंगनवाड़ी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाना व ग्रेच्युटी
- प्राइवेट सेक्टर में सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष
- असंगठित क्षेत्र कल्याण बोर्डों में सुधार
- स्कीम वर्करों के इंसेंटिव में बढ़ोतरी
- परिवहन और बिजली कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का समाधान
मुख्यमंत्री से हुई सीधी वार्ता
रैली के बाद 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री और सचिव मौजूद रहे, जहां BMS के 35 प्रतिनिधियों ने 250 से अधिक मांगों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मांगों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।





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