जयपुर में शहरी विकास का मास्टरप्लान! मेट्रो के साथ 5 बड़े रोड बने TOD कॉरिडोर
मेट्रो स्टेशनों के आसपास हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा JDA का फैसला
Jaipur metro: जयपुर में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट को नई रफ्तार
Jaipur metro: शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने बड़ा फैसला लिया है। मेट्रो लाइन के साथ स्थित जयपुर के पांच प्रमुख मार्गों को ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) कॉरिडोर घोषित किया गया है।
यह निर्णय TOD पॉलिसी-2025 और मास्टर डेवलपमेंट प्लान-2025 के तहत लिया गया है।
JDA आयुक्त ने क्या कहा?
जयपुर विकास आयुक्त आनंदी ने बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा 10 दिसंबर 2025 को अधिसूचित ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री और नगरीय विकास मंत्री के नेतृत्व एवं निर्देशन में लागू की गई है, जिससे जयपुर को स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित किया जा सके।
ये हैं जयपुर के 5 नए TOD कॉरिडोर
जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा घोषित TOD कॉरिडोर और उनकी लंबाई इस प्रकार है—
- वीर तेजा जी सर्कल से पं. टी.एन. मिश्रा मार्ग जंक्शन – 1.4 किमी
- पं. टी.एन. मिश्रा मार्ग जंक्शन से भारत आश्रम मार्ग जंक्शन – 1.5 किमी
- भारत आश्रम मार्ग जंक्शन से जनपथ मार्ग जंक्शन – 1.1 किमी
- जनपथ मार्ग जंक्शन से ESI रोड जंक्शन – 1.6 किमी
- ESI रोड जंक्शन से टैंक रोड जंक्शन – 1.3 किमी
TOD कॉरिडोर का उद्देश्य क्या है?
JDA के अनुसार, TOD कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य—
- मेट्रो स्टेशनों के आसपास कॉम्पैक्ट और मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट
- पैदल चलने योग्य दूरी में घर, ऑफिस और सुविधाएं
- निजी वाहनों पर निर्भरता में कमी
- सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा
इससे ट्रैफिक दबाव घटेगा और जयपुर में संतुलित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास संभव होगा।
जयपुर के भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि TOD कॉरिडोर से—
- रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
- मेट्रो की उपयोगिता में इजाफा
- शहर का योजनाबद्ध विस्तार
जैसे कई दीर्घकालिक फायदे मिलेंगे।




