📰 डबल वोटिंग के आरोपों पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi double voting allegations) को चुनाव आयोग का नोटिस, मांगे सबूत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर फर्जी वोटिंग के आरोप (Rahul Gandhi double voting allegations) लगाए थे। उन्होंने कहा था कि एक ही वोटर का नाम कई जगहों पर दर्ज है और कुछ लोगों ने दो बार मतदान भी किया है।
राहुल ने अपनी प्रेजेंटेशन में “शकुन रानी” नाम की महिला का जिक्र करते हुए दावा किया था कि उन्होंने दो बार वोट डाला।
🗳️ चुनाव आयोग ने मांगे दस्तावेज, भेजा नोटिस
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने राहुल गांधी को एक नोटिस जारी करते हुए उन दस्तावेजों और सबूतों की मांग की है, जिनके आधार पर उन्होंने डबल वोटिंग का आरोप लगाया।
✅ क्या कहा गया नोटिस में?
नोटिस में लिखा गया है कि आपने दावा किया है कि शकुन रानी नामक महिला ने दो बार मतदान किया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया।
शकुन रानी का कहना है कि उन्होंने सिर्फ एक बार वोट डाला।
📄 राहुल की प्रेजेंटेशन में दिखाए दस्तावेज गलत?
चुनाव आयोग का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा दिखाया गया टिक मार्क वाला डॉक्यूमेंट पोलिंग ऑफिसर द्वारा जारी नहीं किया गया था। ऐसे में उस दस्तावेज की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी उस प्रासंगिक दस्तावेज को साझा करें जिसके आधार पर उन्होंने दोहरी वोटिंग का दावा किया है, ताकि विस्तृत जांच की जा सके।
🌐 हरियाणा और महाराष्ट्र आयोग ने भी मांगे जवाब
राहुल गांधी ने सिर्फ कर्नाटक ही नहीं, बल्कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इस पर अब वहां के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने भी उन्हें पत्र भेजकर 10 दिनों के भीतर हस्ताक्षरित घोषणा और सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
🗣️ कांग्रेस का पलटवार – “नोटिस से डरने वाले नहीं”
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से 5 सीधे सवाल पूछे थे। लेकिन उनका जवाब देने के बजाय आयोग अब उन्हें नोटिस भेज रहा है।
उन्होंने कहा, “हम सच के साथ हैं और किसी भी नोटिस से डरने वाले नहीं हैं।”
राहुल गांधी डबल वोटिंग आरोप मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर चुनाव आयोग ने सबूत मांगे हैं, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक सवालों का जवाब न देने की कोशिश बता रही है।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत हैं या नहीं।


В «Южном МедКонтроле» лечение зависимостей строится поэтапно, с постепенным восстановлением физиологических функций и эмоциональной устойчивости. Врачи используют современные методы детоксикации, фармакотерапию и психотерапию, которые действуют комплексно. Каждый этап направлен на достижение конкретного результата: очищение организма, снятие симптомов абстиненции, стабилизацию состояния и профилактику срывов.
Ознакомиться с деталями – наркологическая клиника вывод из запоя ростов-на-дону