41 साल बाद भारत के तिरंगे ने फिर छुआ अंतरिक्ष! शुभांशु शुक्ला ने भेजा पहला संदेश, कहा- “मैं अकेला नहीं, पूरा भारत मेरे साथ”

🌌 भारत का गौरव: शुभांशु शुक्ला का ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन (Shubhanshu Shukla Space Mission) शुरू

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन (Shubhanshu Shukla Space Mission) के तहत 24 जून दोपहर 12:01 बजे अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरी। उनके साथ अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं। यह मिशन NASA और SpaceX का संयुक्त प्रयास है। शुभांशु और उनकी टीम 28 घंटे की यात्रा के बाद गुरुवार शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने की उम्मीद है।

📡 अंतरिक्ष से शुभांशु का पहला संदेश: “मेरे कंधों पर तिरंगा है…”

अंतरिक्ष से भेजे गए अपने पहले संदेश में शुभांशु ने कहा:

“नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियो, 41 साल बाद हम फिर से अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं। इस समय हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। मेरे कंधों पर तिरंगा है, जो मुझे हर पल याद दिला रहा है कि मैं अकेला नहीं हूं – पूरा भारत मेरे साथ है।”

उन्होंने आगे कहा:

“यह सिर्फ मेरी यात्रा नहीं, भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत है। आइए हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनें। जय हिंद! जय भारत!

https://twitter.com/gstanwardigital/status/1937820144723804194

🕒 लॉन्चिंग में कई बार हुआ था विलंब

Axiom-4 मिशन (Shubhanshu Shukla Space Mission) की लॉन्चिंग पहले 29 मई को तय की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे कई बार टालना पड़ा। इसके बाद 8 जून, 10 जून और 11 जून की तारीखें भी निर्धारित की गईं, लेकिन आख़िरकार 24 जून को शुभ लॉन्चिंग संभव हो पाई।

🛰 Axiom-4: भारत का पहला निजी स्पेस मिशन हिस्सा

यह मिशन न सिर्फ अंतरिक्ष यात्रा के लिहाज से अहम है, बल्कि यह भारत के लिए ऐतिहासिक भी है, क्योंकि शुभांशु शुक्ला ने भारत के पहले प्राइवेट स्पेस मिशन में हिस्सा लिया है। 14 दिन तक टीम ISS में रिसर्च, प्रयोग और वैज्ञानिक गतिविधियों में हिस्सा लेगी।

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📌 निष्कर्ष:

शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष मिशन भारत के मानव स्पेस प्रोग्राम की नई शुरुआत है। 41 साल बाद किसी भारतीय द्वारा अंतरिक्ष में कदम रखना, और वहां से राष्ट्र के नाम भावुक संदेश भेजना, हर भारतीय के लिए गर्व का पल है।

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