अब हर आंगनबाड़ी केंद्र में दूध, शौचालय और सम्मान – उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का बड़ा ऐलान!

बालक-बालिकाएं मुस्कुराएं, हर नारी सशक्त बन जाए – चलो नया राजस्थान बनायें!
आंगनबाड़ी से आत्मनिर्भरता तक – अब हर कदम बढ़े विकास की ओर।

जयपुर, 24 जून 2025: राजस्थान सरकार की उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में एक महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में विभाग की विभिन्न महिला और बाल कल्याण योजनाओं, बजट घोषणाओं (Diya Kumari Mahila Bal Vikas Yojana 2025) और विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की गई।

🔸 Diya Kumari Mahila Bal Vikas Yojana 2025: अमृत आहार योजना में दूध की मात्रा बढ़ी

दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि “सैम” श्रेणी के बच्चों को सप्ताह में 5 दिन वितरित किए जा रहे दूध की मात्रा में वृद्धि की जाए, जिससे कुपोषण से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

🔸 न्यूट्रि-किट योजना की समीक्षा

न्यूट्रि-किट योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई और जरूरतमंद बच्चों तक इसका लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

🔸 50 करोड़ रुपये होंगे खर्च

3688 आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के समन्वय से कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने पर जोर दिया गया।

🔸 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय प्रदर्शन

राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों में स्थान मिला है। दिया कुमारी ने इस पर संतोष जताते हुए सभी अधिकारियों की सराहना की।

🔸 पब्लिक अवेयरनेस पर जोर

दिया कुमारी ने कहा,

“अच्छे कामों को सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रखें, इन्हें जनता तक भी पहुंचाएं। मीडिया और सोशल मीडिया दोनों पर योजनाओं का प्रचार जरूरी है।”

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🔸 समग्र योजनाओं की समीक्षा

बैठक में निम्नलिखित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई:

  • पोषण ट्रैकर
  • आदर्श आंगनबाड़ी
  • सखी केंद्र
  • उड़ान योजना
  • नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना
  • कौशल सामर्थ्य योजना
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

🔸 बुनियादी सुविधाओं का निर्देश

राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।

🏁 निष्कर्ष

राजस्थान सरकार महिला एवं बाल विकास की दिशा में एक निर्णायक मोड़ पर है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय राज्य के बच्चों और महिलाओं के भविष्य को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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