युवाओं की आवाज़ बनेगी बजट की ताकत: जयपुर में ‘माय भारत बजट क्वेस्ट 2026’ में डिप्टी सीएम बैरवा का बड़ा संदेश
डिप्टी CM बैरवा जयपुर में यूथ डायलॉग में शामिल हुए, उन्होंने डेवलप्ड इंडिया 2047 विजन के लिए नागरिक-केंद्रित बजट, स्किल्स और इनोवेशन पर ज़ोर दिया।
Youth budget dialogue India: जयपुर में आयोजित ‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने युवाओं को विकास प्रक्रिया का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि बजट और योजनाएं तभी प्रभावी होंगी, जब उनमें युवाओं की भागीदारी और सुझाव शामिल हों। कार्यक्रम में शिक्षा, कौशल और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं ने खुलकर अपनी बात रखी, जिससे नीति निर्माण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जयपुर में युवाओं के साथ नीति संवाद का मंच
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित ‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’ कार्यक्रम में डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने सक्रिय भागीदारी की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को बजट और नीति निर्माण प्रक्रिया से जोड़ना और उनके विचारों को सरकार तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे, जिससे यह मंच संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा।
युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
डॉ. बैरवा ने कहा कि राज्य और देश के विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का युवा केवल नौकरी चाहने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार सृजित करने वाला भी बन रहा है।
‘सिटिजन सेंट्रिक’ बजट की जरूरत
उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बजट को आमजन से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाएं और बजट प्रावधान तभी सफल माने जाएंगे, जब उनका सीधा लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम बजट को सरल और समझने योग्य बनाने में मदद करते हैं, जिससे आम नागरिक भी नीति निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी कर सके।

विकसित भारत@2047 की दिशा में पहल
डॉ. बैरवा ने ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत योजना, नवाचार और बेहतर समन्वय को आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता है। जब हर वर्ग को समान अवसर मिलेगा, तभी देश सशक्त और विकसित बन सकेगा।
युवाओं को मिला अपने विचार रखने का मंच
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें युवाओं को खुलकर अपने विचार और सुझाव रखने का अवसर मिला।
शिक्षा, स्टार्टअप, डिजिटल स्किल्स और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच भविष्य की नीतियों को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बना सकते हैं।
नई सोच से बनेगा भविष्य का भारत
‘माय भारत बजट क्वेस्ट यूथ डायलॉग 2026’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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यह पहल दिखाती है कि सरकार अब युवाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि भागीदार के रूप में देख रही है। इससे भविष्य में अधिक समावेशी और प्रभावी नीतियों के निर्माण की उम्मीद बढ़ जाती है।
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