‘गिव अप’ से ‘गिव राइट’ तक: नोखा में बदली खाद्य सुरक्षा की तस्वीर, हजारों नए चेहरों तक पहुंचा हक
नोखा में हज़ारों लोगों ने फ़ूड मिनिस्टर का स्वागत किया क्योंकि राजस्थान ने सुधारों और कैंपेन के ज़रिए NFSA कवरेज को बढ़ाया है, जिससे लाखों योग्य बेनिफ़िशियरी जुड़े हैं।
NFSA beneficiaries Rajasthan: बीकानेर जिले के नोखा में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने हजारों नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा अधिकार पत्र सौंपे। ‘गिव अप अभियान’ के चलते अपात्र लोगों के बाहर होने से लाखों जरूरतमंदों को योजना से जोड़ा गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों का उत्साह देखने लायक रहा, जहां सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और योजनाओं के विस्तार को सामाजिक बदलाव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
नोखा में खाद्य सुरक्षा को मिला नया विस्तार
बीकानेर जिले के नोखा में आयोजित कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक वितरण समारोह नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम बनकर उभरा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने यहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के नए लाभार्थियों को अधिकार पत्र सौंपे और उनके साथ संवाद किया।
लाभार्थियों में उत्साह, सरकार के प्रति भरोसा
कार्यक्रम में हजारों लोग मौजूद रहे, जिनके चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था। लंबे समय से योजना में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को जब अधिकार पत्र मिला, तो उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री गोदारा के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन एक जनसंपर्क कार्यक्रम से बढ़कर भरोसे के उत्सव में बदल गया।
‘गिव अप अभियान’ बना गेमचेंजर
इस पूरे बदलाव के पीछे ‘गिव अप अभियान’ को अहम बताया गया। मंत्री गोदारा ने कहा कि जब उन्होंने विभाग की जिम्मेदारी संभाली, तो पाया गया कि कई अपात्र लोग भी योजना का लाभ ले रहे थे। इसके बाद शुरू हुए अभियान में 55 लाख लोगों ने स्वेच्छा से लाभ छोड़ दिया, जबकि 27 लाख लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई। इससे करीब 82 लाख पात्र लोगों के लिए रास्ता साफ हुआ।
81 लाख नए लाभार्थी जुड़े
सरकार द्वारा पोर्टल दोबारा खोलने के बाद अब तक 81 लाख पात्र लोगों को योजना में जोड़ा जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता से योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
बीकानेर जिले में ही लाखों लोगों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ी, जिससे नए पात्र परिवारों को लाभ मिला। नोखा क्षेत्र में भी हजारों नए लाभार्थियों को जोड़ा गया, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़ा प्रभाव देखने को मिला।
सिर्फ राशन नहीं, बहुआयामी लाभ
मंत्री गोदारा ने बताया कि अब यह योजना केवल गेहूं तक सीमित नहीं रही। इसके साथ रसोई गैस, स्वास्थ्य बीमा और आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज जैसे लाभ भी जुड़े हैं। इससे यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक समग्र सुरक्षा कवच बनती जा रही है।
स्थानीय जुड़ाव ने बढ़ाया भरोसा
गोदारा ने अपने संबोधन में नोखा को अपना ननिहाल बताते हुए भावनात्मक जुड़ाव भी दिखाया। उन्होंने कहा कि वे यहां के लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहेंगे और विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने देंगे। यह व्यक्तिगत जुड़ाव कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना गया।
पारदर्शिता और टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग
राज्य में खाद्य वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाया गया है। वर्तमान में 98 प्रतिशत वितरण डीएससी और ओटीपी के माध्यम से हो रहा है, जो देश में एक उच्च स्तर माना जा रहा है। इससे भ्रष्टाचार में कमी और सही लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित हुई है।
भव्य स्वागत ने बढ़ाया राजनीतिक संदेश
नोखा पहुंचने पर मंत्री गोदारा का कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और जनसमर्थन के बीच यह साफ नजर आया कि इस योजना का सामाजिक और राजनीतिक असर दोनों स्तरों पर दिखाई दे रहा है।
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पारदर्शिता से विश्वास, विश्वास से बदलाव
नोखा का यह कार्यक्रम केवल योजनाओं के विस्तार का उदाहरण नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि सही नीति और ईमानदार क्रियान्वयन से सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सकती हैं। ‘गिव अप’ से शुरू हुआ यह अभियान अब ‘गिव राइट’ की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है, जो भविष्य में सामाजिक समानता की मजबूत नींव रख सकता है।
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