लोकसंगीत की थाप पर झूमा जयपुर, कठपुतली कला ने बांधा समां — मकरंद देशपांडे भी हुए मंत्रमुग्ध
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के तीसरे दिन लोक-संगीत और पारंपरिक कलाओं को समर्पित सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई। भपंग, चंग, बांसुरी और कठपुतली कला की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लोकसंस्कृति की जीवंत झलक दिखाई।
State Level Exhibition Cultural Evening: लोक-संगीत और परंपरा से सजी सांस्कृतिक संध्या
जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के तीसरे दिन सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति को समर्पित रही। भपंग वादन, चंग की थाप, बांसुरी की सुरीली धुनों और कठपुतली कला ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

State Level Exhibition Cultural Evening: भपंग, चंग और बांसुरी ने बांधा समां
पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में यूसुफ खाँ एवं उनके समूह ने भपंग वादन के माध्यम से “कैसो आ गयो जमानो रे” और “दुनिया में भाया देख ले” जैसे लोकगीत प्रस्तुत किए। वहीं चूरू के श्याम मित्र मंडल ने चंग की जोशीली थाप और बांसुरी की मधुर तानों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कठपुतली कला रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण लोक कलाकार राजू भाट द्वारा प्रस्तुत कठपुतली शो रहा। ढोलक की थाप पर काठ की पुतलियों से महाराजा अमरसिंह की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
मकरंद देशपांडे ने की कठपुतली कला की प्रशंसा
प्रदर्शनी देखने पहुंचे बॉलीवुड एक्टर, लेखक और निर्देशक मकरंद देशपांडे ने कठपुतली कला को “अद्भुत और अलौकिक” बताते हुए कहा कि लोक कलाओं को संजोकर रखना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इसे हमारी अमूल्य धरोहर बताया।
किस्सागोई और पैनल डिस्कशन भी रहे खास
इससे पूर्व, राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी क्षिप्रा शर्मा ने किस्सागोई कला के अंतर्गत मोर-मोरनी की लोककथा सुनाई। वहीं “टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया: अवसर और चुनौतियां” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में युवाओं को करियर चयन को लेकर मार्गदर्शन दिया गया।
कलाकारों का सम्मान
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की संयुक्त निदेशक क्षिप्रा भटनागर ने मकरंद देशपांडे को डीआईपीआर की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किया। साथ ही सभी कलाकारों को मंच पर सम्मानित किया गया। विभाग की सहायक निदेशक कविता जोशी ने प्रदर्शनी की विस्तृत जानकारी साझा की।




