राजस्थानराज्यशिक्षा

राजस्थान में 52,000 शिक्षकों को मिला करियर मार्गदर्शन प्रशिक्षण | व्यावसायिक शिक्षा 2025-26 अपडेट

Vocational Education Career Guidance Training: 52 हजार से अधिक शिक्षकों को मिला करियर मार्गदर्शन का प्रशिक्षण

Vocational Education Career Guidance Training: व्यावसायिक शिक्षा के तहत कक्षा 9 से 12 के छात्रों को मिलेगा लाभ वार्षिक शैक्षिक पंचांग 2025-26 के अंतर्गत राजस्थान सरकार द्वारा एक अभिनव पहल के रूप में व्यावसायिक शिक्षा करियर मार्गदर्शन प्रशिक्षण हेतु गुरुवार को एक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। यह वेबिनार समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर से 52,000 से अधिक शिक्षकों ने भागीदारी की।

करियर मार्गदर्शन को मिलेगा नया आयाम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना और उन्हें विभिन्न करियर विकल्पों से अवगत कराना रहा।

वेबिनार के दौरान रोजगार अनुसंधान, करियर गाइडेंस कंटेंट, वर्कशीट, और जॉब कार्ड्स जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

अधिकारियों ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम को श्री डालचंद गुप्ता, उप निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) ने संबोधित करते हुए बताया कि –

“रोजगार अनुसंधान आधारित करियर गतिविधियों का ब्लॉक स्तर तक क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी, जिससे यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।”

सफर और सारथी पुस्तिका का परिचय

आरएससीईआरटी के सहायक आचार्य डॉ. नवनीत शर्मा ने ‘सफर’ और ‘सारथी’ करियर मार्गदर्शन पुस्तिकाओं और जॉब कार्ड्स की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इन टूल्स का उद्देश्य छात्रों को करियर की सही दिशा में आगे बढ़ाना है।

यूनिसेफ और अंतरंग फाउंडेशन की भागीदारी

वेबिनार का संचालन अंतरंग फाउंडेशन की स्टेट हेड श्रीमती प्राची वेंकटरमन ने किया।
यूनिसेफ के शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र शर्मा ने कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए संभावित करियर विकल्पों पर व्यापक जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में यूनिसेफ के कंसल्टेंट विक्रम श्रीवास्तव एवं अंतरंग फाउंडेशन से निधि निराला और लक्षिता सिंघाडे भी उपस्थित रहे।

कुछ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी वेबिनार से ऑनलाइन रूप से सीधा जुड़ाव किया, जिससे उन्हें सीधे लाभ प्राप्त हुआ।

यह वेबिनार न केवल शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इसका सीधा लाभ कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को मिलेगा। इस पहल से राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button