“टीएमसी की रैली से डरे विपक्षी दल? ममता बनर्जी का बड़ा आरोप”

📍 टीएमसी शहीद दिवस रैली (TMC Martyrs’ Day Rally) : विपक्ष को ममता बनर्जी का जवाब — ‘रैली से डर गए हैं, साजिश कर रहे हैं’

कोलकाता।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को होने वाली टीएमसी की शहीद दिवस रैली (TMC Martyrs’ Day Rally) को लेकर विपक्षी दलों पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस ऐतिहासिक रैली को विफल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनसैलाब इसे सफल बना देगा।

🔴 एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता कोलकाता पहुंचे

ममता ने कहा कि रैली में शामिल होने के लिए 1 लाख से अधिक टीएमसी कार्यकर्ता पहले ही कोलकाता पहुंच चुके हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रुकने की व्यवस्था और तैयारियों का खुद जायज़ा लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ममता बनर्जी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और लोकतंत्र के लिए संघर्ष को दोहराया।

🗣️ ‘जब हमारी रैली होती है तो विपक्ष घबरा जाता है’

एस्प्लानेड में तैयारियों का निरीक्षण करते हुए ममता ने मीडिया से कहा:

“जब विपक्ष बिना अनुमति के रैली करता है, हम उन्हें नहीं रोकते। लेकिन जब टीएमसी की रैली में लाखों लोग जुटते हैं, तो विपक्ष घबरा जाता है। ये लोग समानांतर रैली करना चाहते हैं, करें — लेकिन जनता हमारे साथ है।”

🕯️ शहीद दिवस का इतिहास क्या है?

टीएमसी हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है। 1993 में कांग्रेस की युवा नेता रहते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव सुधारों की मांग को लेकर एक रैली की थी। उस दिन पुलिस फायरिंग में 13 टीएमसी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

“उस दिन की मांग थी — नो आईडी कार्ड, नो वोट। यह लोकतंत्र की रक्षा की शुरुआत थी।”

⚖️ सीपीआईएम पर ममता का हमला

ममता ने कहा कि सीपीआईएम के 34 साल के शासन (1977-2011) में लोकतंत्र का गला घोंटा गया। लोगों को वोट डालने से रोका जाता था, और रैली वाले दिन हाउसिंग सोसाइटीज़ को बंद करवा दिया जाता था ताकि लोग बाहर न निकलें।

🛑 भाजपा पर ‘बंगाली विरोधी’ मानसिकता का आरोप

मुख्यमंत्री ने भाजपा शासित राज्यों पर आरोप लगाया कि वे बंगालियों को “बांग्लादेशी” करार देकर परेशान करते हैं।

“केवल बंगाली बोलने के आधार पर लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। ये न केवल संविधान के खिलाफ है, बल्कि इंसानियत के भी खिलाफ है।”

🌧️ बाढ़ और केंद्र सरकार पर नाराज़गी

राज्य में बाढ़ जैसे हालात पर बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भारी बारिश और लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण दिक्कतें बढ़ी हैं। उन्होंने बताया:

  • 5 लाख से अधिक तालाब खोदे गए हैं
  • 500 चेक डैम बनाए गए हैं
  • लोअर दामोदर प्रोजेक्ट चल रहा है

लेकिन केंद्र सरकार अब भी ‘घाटाल मास्टर प्लान’ पर मदद नहीं दे रही है। फिर भी राज्य सरकार इसे 3 साल में पूरा करेगी।

टीएमसी शहीद दिवस रैली को लेकर एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति गर्म हो गई है। विपक्ष पर सीधे आरोप, इतिहास की याद और विकास कार्यों की सूची पेश कर ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया है — “टीएमसी की रैली सिर्फ प्रदर्शन नहीं, लोकतंत्र की आवाज़ है।”

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